N1Live National रक्षा निर्माण क्षेत्र में नवाचार, निवेश और निर्यात को नई दिशा देने का प्रयास
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रक्षा निर्माण क्षेत्र में नवाचार, निवेश और निर्यात को नई दिशा देने का प्रयास

Efforts to give new direction to innovation, investment and exports in the defence manufacturing sector

‘देश में रक्षा निर्माण के अवसर’ विषय पर आधारित एक राष्ट्रीय सम्मेलन होने जा रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। यह सम्मेलन 7 अक्टूबर को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित किया जाएगा। यह सम्मेलन रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।

इसका उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के औद्योगिक विभागों और रक्षा मंत्रालय के बीच समन्वय को सुदृढ़ करना है। यह प्रयास इसलिए किया जा रहा है ताकि क्षेत्रीय औद्योगिक नीतियों और बुनियादी ढांचे के विकास को रक्षा निर्माण में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य के अनुरूप लाया जा सके।

इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दो महत्वपूर्ण डिजिटल प्लेटफॉर्म का शुभारंभ करेंगे। इनमें से एक डिफेंस एक्ज़िम पोर्टल’ है। यह नया पोर्टल रक्षा क्षेत्र में निर्यात और आयात प्राधिकरणों के निर्गमन की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और तेज बनाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।

डिफेंस इस्टेब्लिशमेंटस एंड इंटरप्रेन्योरस प्‍लेटफार्म पोर्टल की भी शुरुआत की जाएगी। यह एक डिजिटल रिपोजिट्री है, जो भारतीय रक्षा उद्योगों की क्षमताओं, उत्पादों और सेवाओं का विस्तृत मानचित्र तैयार करेगा। इससे उद्योग, स्टार्ट-अप्स, एमएसएमई और रक्षा प्रतिष्ठानों के बीच सहयोग और समन्वय को नई दिशा मिलेगी।

इस सम्‍मेलन के दौरान दो प्रमुख प्रकाशनों, ‘एयरोस्‍पेस एंड डिफेंस सेक्‍टर पॉलिसी कम्पेन्डीअम ऑफ स्‍टेट्स एंड यूनियन टेरेटरीज’ और आईडीईएक्‍स कॉफी टेबल बुक ‘शेयर्ड हॉरिजन्‍स ऑफ इनोवेशन’ का भी विमोचन किया जाएगा।

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक इस सम्मेलन का उद्देश्य सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के उद्योग विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को एक साझा मंच पर लाना है ताकि रक्षा उत्पादन में उनकी भूमिका को सशक्त किया जा सके।

रक्षा मंत्रालय का यह सम्मेलन न केवल केंद्र और राज्यों के बीच नीतिगत तालमेल को सुदृढ़ करेगा, बल्कि देश के रक्षा निर्माण क्षेत्र में नवाचार, निवेश और निर्यात को नई दिशा देगा। इसके माध्यम से भारत की रक्षा औद्योगिक क्षमता को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जाएगा।

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