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डार्क किरदार पर ईशा सिंह बोलीं, ‘कैमरे के पीछे ऑन और ऑफ होना आना चाहिए’

Eisha Singh on playing a dark character: "You need to be able to switch on and off the camera."

27 मई । टेलीविजन इंडस्ट्री की मशहूर अभिनेत्री ईशा सिंह आगामी फिल्म ‘ऑब्सेस’ की रिलीज को लेकर तैयार हैं। डार्क और सस्पेंस से भरपूर ट्रेलर रिलीज किया जा चुका है। साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्म में डार्क किरदार को लेकर अभिनेत्री का कहना है कि एक एक्टर को पता होना चाहिए कि कब किरदार में रहना है और कब उससे बाहर निकलना है।

अभिनेत्री ने आईएएनएस से बातचीत में बताया, “एक एक्टर के तौर पर आपको यह अच्छी तरह पता होना चाहिए कि कैमरे के सामने कब किरदार में आना है (ऑन होना) और शॉट खत्म होने पर कब उससे बाहर निकलना है (ऑफ होना)। हां, यह सच है कि कुछ किरदार निभाते समय आप बहुत गहराई में चले जाते हैं लेकिन किस्मत से हमारी फिल्म के सेट का माहौल बहुत ही सकारात्मक और मददगार था। आसपास के लोग लगातार मेरा ख्याल रख रहे थे, जिसकी वजह से यह किरदार मुझ पर भावनात्मक रूप से भारी नहीं पड़ा।”

आज के समय में बढ़ते टॉक्सिक अटैचमेंट और जुनूनी व्यवहार पर बात करते हुए अभिनेत्री ने बताया कि सोशल मीडिया आने से पहले भी समाज में इस तरह के जुनूनी लोग मौजूद थे। उन्होंने कहा, “फर्क बस इतना है कि अब सब कुछ बहुत जल्दी दिखाई देने लगता है क्योंकि हर किसी के पास फोन है और जानकारी तुरंत फैल जाती है। सोशल मीडिया के पॉजिटिव और नेगेटिव, दोनों पहलू हैं। ‘ऑब्सेस’ के बारे में मुझे जो बात सबसे ज्यादा पसंद आई, वह यह है कि इसकी कहानी में कई भावनात्मक परतें हैं। जब दर्शक यह फिल्म देखेंगे, तो वे समझ जाएंगे कि इन विषयों को कितनी गहराई से दिखाया गया है।”

अपनी बात को रखते हुए अभिनेत्री ने फिल्म के निर्देशक पीटर की बात को याद करते हुए कहा, “पीटर सर ने एक बार कहा था, हर इंसान के अंदर एक फरिश्ता और एक शैतान, दोनों होते हैं। इनमें से कौन सा पहलू कितना बाहर आता है, यह पूरी तरह से उस इंसान पर निर्भर करता है।”

अभिनेत्री ने किरदार के भावनात्मक बोझ से पूरी तरह मुक्त होने को जरूरी बताते हुए बताया कि काम के दौरान आप मानसिक रूप से उसी दुनिया में रहते हैं। कुछ दिन बहुत भारी होते हैं, तो कुछ अच्छे, लेकिन काम खत्म होते ही उस काल्पनिक दुनिया से बाहर निकलना एक कलाकार के मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है।

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