N1Live National चुनाव आयोग ने सात एईआरओ को किया निलंबित, ममता बोलीं- नहीं जाएगी नौकरी
National

चुनाव आयोग ने सात एईआरओ को किया निलंबित, ममता बोलीं- नहीं जाएगी नौकरी

Election Commission suspends seven AEROs, Mamata says will not lose her job

18 फरवरी । पश्चिम बंगाल में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर काम में लापरवाही बरतने के आरोप में भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) द्वारा सोमवार को निलंबित किए गए सात सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (एईआरओ) को नौकरी से नहीं हटाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार दोपहर मीडियाकर्मियों से कहा, “उनका चुनाव संबंधी किसी भी कार्य से कोई संबंध नहीं होगा। लेकिन राज्य सरकार द्वारा उन्हें वैकल्पिक क्षेत्रों में नियुक्त किया जाएगा। मुझे विश्वास है कि वे वहां अच्छा काम करेंगे।”

उन्होंने ईसीआई पर सात एईआरओ को एकतरफा रूप से निलंबित करने का आरोप भी लगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें अपना पक्ष रखने का कोई मौका नहीं दिया गया। आयोग लगातार निर्वाचन अधिकारियों को धमका रहा है और राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप भी कर रहा है। मैं आयोग से अधिक लोकतांत्रिक तरीके से कार्य करने का अनुरोध करती हूं।

हालांकि, पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय के सूत्रों ने स्पष्ट किया कि सात एईआरओ को एसआईआर के लिए ईसीआई द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने के वास्तविक कारणों से निलंबित किया गया था।

सीईओ कार्यालय के सूत्र ने कहा, “किसी को भी असीमित अधिकार नहीं दिए गए थे। सात एईआरओ के निलंबन के लिए पर्याप्त आधार थे। उन्हें बार-बार काम में लापरवाही बरतने के आरोप में कानूनी प्रावधानों के तहत निलंबित किया गया था।”

उन्होंने यह भी कहा कि एसआईआर में लगे पर्यवेक्षकों और सूक्ष्म पर्यवेक्षकों ने इन सात एईआरओ को ईसीआई द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों का उल्लंघन न करने की चेतावनी दी थी, लेकिन उन्होंने चेतावनियों का पालन किए बिना अपने मनमाने ढंग से काम करना जारी रखा। अंततः, उन्हें निलंबित करना पड़ा।

इस बीच, मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग करके वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप लगाया। उन्होंने सीधे नाम लिए बिना अप्रत्यक्ष रूप से चुनाव आयोग की महानिदेशक (सूचना प्रौद्योगिकी) सीमा खन्ना पर भी आरोप लगाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा द्वारा आयोग में नियुक्त एक महिला एआई का उपयोग करके मतदाता सूची से वास्तविक मतदाताओं के नाम हटा रही है। आयोग इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश का भी पालन नहीं कर रहा है।

Exit mobile version