हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (एचईआरसी) ने यमुनानगर में उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए दायर वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) याचिका पर एक जन सुनवाई आयोजित की।
सुनवाई की अध्यक्षता करते हुए एचईआरसी के अध्यक्ष नंद लाल शर्मा ने कहा कि बिजली चोरी राष्ट्रीय क्षति है और अंततः इसका बोझ वास्तविक बिजली उपभोक्ताओं पर पड़ता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बिजली चोरी को रोकना एक साझा जिम्मेदारी है जिसके लिए सामूहिक सतर्कता और सहयोग आवश्यक है।
कृषि सब्सिडी से संबंधित चिंताओं को स्पष्ट करते हुए अध्यक्ष ने कहा कि किसानों को दी जाने वाली बिजली सब्सिडी पूरी तरह से राज्य सरकार द्वारा वहन की जाती है और इसे अन्य उपभोक्ता श्रेणियों को हस्तांतरित नहीं किया जाता है।
उन्होंने कहा कि पारदर्शिता और समावेशिता को मजबूत करने के लिए आयोग राज्य भर में जमीनी स्तर पर जन सुनवाई कर रहा है। उन्होंने यूएचबीवीएन के अधिकारियों को उपभोक्ताओं द्वारा उठाए गए मुद्दों का तुरंत जवाब देने का निर्देश भी दिया। यूएचबीवीएन के निदेशक अनिल कुमार यादव ने विभिन्न प्रश्नों के विस्तृत स्पष्टीकरण दिए।
विचार-विमर्श के दौरान, अल्पकालिक बिजली खरीद, बिजली एक्सचेंजों के माध्यम से खरीद, जनशक्ति आवश्यकताएं, ऋण चुकौती दायित्व और मूल्यह्रास सहित कई मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
आयोग के सदस्य मुकेश गर्ग ने इस बात पर जोर दिया कि घरेलू उपभोक्ताओं से संबंधित बिलिंग त्रुटियों को उप-विभागीय अधिकारी (एसडीओ) स्तर पर तुरंत ठीक किया जाना चाहिए। उन्होंने बिजली कटौती की जानकारी, राजस्व वसूली और व्यय रिपोर्टिंग में अधिक पारदर्शिता लाने पर भी बल दिया और बिजली चोरी की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त की।
आयोग के सदस्य शिव कुमार ने कहा कि औद्योगिक उपभोक्ताओं ने अधिक जागरूकता दिखाई और उन्होंने यह भी कहा कि सुनवाई के दौरान चार्टर्ड अकाउंटेंटों द्वारा प्रस्तुत सुझाव रचनात्मक और मूल्यवान थे।
यूएचबीवीएन द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में कंपनी का कुल तकनीकी एवं वाणिज्यिक (एटी एंड सी) घाटा 9.12 प्रतिशत है। 1,013 शहरी फीडरों में से केवल दो फीडरों में 20 प्रतिशत से अधिक का घाटा दर्ज किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में, 1,182 फीडरों में से 62 फीडरों में 40 प्रतिशत से अधिक का घाटा है। यूएचबीवीएन ने बिल वसूली में 100 प्रतिशत दक्षता भी दर्ज की है।
जन सुनवाई में आयोग के सदस्य मुकेश गर्ग और शिव कुमार; सचिव प्रशांत देश्ता; विद्युत लोकपाल आरके खन्ना; यूएचबीवीएन के निदेशक अनिल कुमार यादव; एसई (संचालन) नरेंद्र कुमार; एसई (नियामक मामले) पुनीत कुंडू; एचईआरसी और यूएचबीवीएन के वरिष्ठ अधिकारी; और बड़ी संख्या में बिजली उपभोक्ता उपस्थित थे।
कार्यवाही का संचालन उप निदेशक (मीडिया) प्रदीप मलिक ने किया। यूएचबीवीएन के कार्यकारी अभियंता शेखर मोहन, पवन छिक्कारा, पंकज देशवाल, जगमीत सिंह और अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।


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