13 अप्रैल । दिल्ली के बाप्रोला इलाके में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई है, जिसमें भाऊ गैंग के दो शूटर दीपक और अतुल को पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल, पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को सूचना मिली थी कि कुख्यात भाऊ गैंग के कुछ शूटर इलाके में मौजूद हैं और किसी बड़ी वारदात की फिराक में हैं। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने इलाके में घेराबंदी की और जैसे ही संदिग्धों को पकड़ने की कोशिश की गई, उन्होंने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी कार्रवाई की और दोनों तरफ से गोलीबारी हुई। इस मुठभेड़ में भाऊ गैंग के दो शूटर दीपक और अतुल को गोली लग गई, जिसके बाद उन्हें काबू में कर लिया गया और गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी अतुल गुरुग्राम के एक शोरूम में हुई फायरिंग की घटना में शामिल था। वहीं दूसरा आरोपी दीपक दिल्ली पुलिस के एक रिटायर्ड सब-इंस्पेक्टर की हत्या जैसे गंभीर मामले में वांछित था। दोनों लंबे समय से पुलिस की रडार पर थे। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और उनके नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
वहीं, दिल्ली के साउथ वेस्ट जिले के सागरपुर इलाके में पुलिस ने मोबाइल चोरी करने वाले एक गिरोह का भी भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक चोरी करने वाला और दूसरा चोरी का सामान खरीदकर उसे आगे बेचने वाला शामिल है। पुलिस ने इनके पास से चोरी के 15 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक टैबलेट और मोबाइल के कई पार्ट्स बरामद किए हैं। इस कार्रवाई से इलाके में दर्ज मोबाइल चोरी के चार मामलों का भी खुलासा हो गया है।
पुलिस के अनुसार, इलाके में लगातार बढ़ रही मोबाइल चोरी की घटनाओं को देखते हुए एक विशेष टीम बनाई गई थी। इस टीम ने शिकायतों के आधार पर जांच शुरू की और संदिग्धों पर नजर रखी। इसी दौरान 10 अप्रैल को टीम ने दुर्गा पार्क और नगरवन पार्क इलाके में छापेमारी की और एक संदिग्ध युवक आयुष उर्फ निक्कू को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से चोरी के दो मोबाइल फोन बरामद हुए।
पूछताछ में आयुष ने बताया कि वह मोबाइल फोन चोरी करता था और फिर उन्हें अपने साथी अभिषेक को बेच देता था। इसके बाद पुलिस ने अभिषेक को भी गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से 13 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक टैबलेट, एक चार्जर और कई मोबाइल के टूटे-फूटे पार्ट्स बरामद किए गए।
जांच में सामने आया कि अभिषेक चोरी के मोबाइल फोन को खोलकर उनके पार्ट्स अलग-अलग कर देता था ताकि उन्हें ट्रैक करना मुश्किल हो जाए और फिर वह इन पार्ट्स को आगे एक व्यक्ति खालिद को बेच देता था।

