March 27, 2025
Haryana

सुनिश्चित करें कि बारदाने की कमी न हो, गेहूं की मजबूत खरीद हो: सीएम सैनी

Ensure there is no shortage of gunny bags, there is robust procurement of wheat: CM Saini

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सभी खरीद एजेंसियों को आगामी रबी विपणन सीजन 2025-26 के लिए सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं ताकि किसानों को मंडियों में अपनी फसल बेचने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

₹6,653.44 करोड़ की नकद ऋण सीमा को मंजूरी दी गई कुल गेहूं खरीद लक्ष्य: 75 लाख मीट्रिक टन चालू मंडियां: गेहूं के लिए 415, जौ के लिए 25, चना के लिए 11, मसूर के लिए 7, सरसों के लिए 116, सूरजमुखी के लिए 17

स्वीकृत नकद ऋण सीमा: ₹6,653.44 करोड़ भुगतान समयसीमा: निकास गेट पास के 48-72 घंटे बाद एमएसपी (प्रति क्विंटल): गेहूं: ₹2,425, जौ: ₹1,980, चना: ₹5,650, मसूर: ₹6,700, सरसों: ₹5,950, सूरजमुखी: ₹7,280

किसानों के लिए सुविधाएं: बोरे, बैठने की व्यवस्था, 53 अटल किसान मजदूर कैंटीन, टोल-फ्री हेल्पलाइन डिजिटल लेनदेन के लिए 108 मंडियां ई-नाम से जुड़ीं

चंडीगढ़ में समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि गेहूं की बंपर पैदावार की उम्मीद के मद्देनजर खरीद एजेंसियों को पूरी तरह तैयार रहना चाहिए। उन्होंने मार्केटिंग बोर्ड को निर्देश दिया कि वे भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए मंडियों में खाली जगहों पर बड़े शेड बनाएं।

सैनी ने जोर देकर कहा कि मंडियों में गेहूं की खरीद के लिए पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं।

अधिकारियों ने सीएम को बताया कि रबी फसलों की 30% खरीद खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, 40% हैफेड, 20% हरियाणा राज्य भंडारण निगम और 10% भारतीय खाद्य निगम द्वारा की जाएगी। इस सीजन में कुल 75 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जानी है।

सरसों की खरीद 15 मार्च से और मसूर की खरीद 20 मार्च से शुरू हुई, जो 1 मई तक जारी रहेगी। गेहूं, जौ और चना की खरीद 1 अप्रैल से शुरू होगी, जबकि सूरजमुखी की खरीद 1 जून से शुरू होगी।

सरकार ने रबी फसल की खरीद के लिए 6,653.44 करोड़ रुपये की नकद ऋण सीमा सुनिश्चित की है। इसके अलावा बैंकों को निर्देश दिया गया है कि वे एग्जिट गेट पास जारी होने के 48-72 घंटों के भीतर किसानों के खातों में सीधे भुगतान सुनिश्चित करें।

हरियाणा केंद्रीय पूल में गेहूं का 25% योगदान देता है और देश भर में गेहूं उत्पादन में दूसरे स्थान पर है। इस सीजन में गेहूं के लिए 415 मंडियां, जौ के लिए 25, चने के लिए 11, मसूर के लिए 7, सरसों के लिए 116 और सूरजमुखी के लिए 17 मंडियां चालू होंगी।

गेहूं के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2,425 रुपये प्रति क्विंटल, जौ के लिए 1,980 रुपये प्रति क्विंटल, चना के लिए 5,650 रुपये प्रति क्विंटल, मसूर के लिए 6,700 रुपये प्रति क्विंटल, सरसों के लिए 5,950 रुपये प्रति क्विंटल और सूरजमुखी के लिए 7,280 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।

सीएम सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बोरों की कमी न हो और कमीशन एजेंटों से किसानों के लिए कुर्सियों की व्यवस्था करने को कहा। मंडियों में किसानों और मजदूरों की सहायता के लिए 53 अटल किसान मजदूर कैंटीन चालू हैं। शिकायतों के समाधान के लिए टोल-फ्री किसान कॉल सेंटर स्थापित किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त, लेनदेन में बेहतर पारदर्शिता के लिए हरियाणा की 108 मंडियां अब ई-नाम प्लेटफॉर्म से जुड़ गई हैं। सभी उपायुक्तों को खरीद प्रक्रिया की निगरानी करने तथा पूरे सीजन के दौरान सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए निगरानी टीमें गठित करने का आदेश दिया गया है।

बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजा शेखर वुंडरू और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता भी उपस्थित थे।

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