भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया सह-प्रभारी और राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा है कि कांग्रेस के नेता ही राहुल गांधी के इस कार्यक्रम को एक पीआर स्टंट मानते हैं।
प्रदीप भंडारी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “कांग्रेस नेता ही राहुल गांधी के छात्रों की गूंज का पर्दाफाश कर रहे हैं। कांग्रेस के नेता भी जानते हैं कि राहुल गांधी का छात्रों की गूंज सिर्फ एक पीआर स्टंट है, इसीलिए 35 प्रतिशत नेताओं ने भी इसके बारे में पोस्ट नहीं किया है।”
उन्होंने आंकड़े देते हुए बताया कि 249 नेताओं में से सिर्फ 113 ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, 48 ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया और 83 ने कहीं भी पोस्ट नहीं किया।
प्रदीप भंडारी ने कहा कि इसमें मनीष तिवारी, चरणजीत सिंह चन्नी जैसे सीनियर नेता और अजय माकन जैसे कई सीडब्ल्यूसी मेंबर भी शामिल हैं। उन्होंने लिखा, “मीडिया में कुछ लोग वाहवाही कर सकते हैं, लेकिन सीनियर कांग्रेस नेता भी जानते हैं कि राहुल गांधी का भारत के युवाओं से कोई जुड़ाव नहीं है।”
भाजपा प्रवक्ता द्वारा शेयर की गई लिस्ट के मुताबिक, कांग्रेस वर्किंग कमेटी के कई बड़े नेताओं ने इस कार्यक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ भी शेयर नहीं किया।
लिस्ट के अनुसार, ए. के. एंटनी, अभिषेक मनु सिंघवी, अजय माकन, अखिलेश प्रसाद सिंह, अंबिका सोनी, आनंद शर्मा, चरणजीत सिंह चन्नी, गैखांगम, केसी वेणुगोपाल, सलमान खुर्शीद, शशि थरूर, सिद्दारमैया, ताम्रध्वज साहू, विजय इंदर सिंगला जैसे नेताओं ने ‘एक्स’ और ‘इंस्टाग्राम’ दोनों पर ही कोई पोस्ट नहीं किया।
वहीं, कुछ नेताओं ने सिर्फ ‘एक्स’ पर पोस्ट किया लेकिन ‘इंस्टा’ पर नहीं किया, जैसे अधीर रंजन चौधरी, अविनाश पांडे, भूपेश बघेल, दामोदर राजा नरसिम्हा, दीपा दासमुंशी, दीपेंद्र सिंह हुड्डा, दिग्विजय सिंह, गौरव गोगोई, गुलाम अहमद मीर। कुछ नेताओं ने दोनों जगह पोस्ट किया, जिनमें जैसे अलका लांबा, आरिफ नसीम खान, बालासाहेब थोरात, श्रीनिवास बीवी, जैसे नाम शामिल हैं।
एआईसीसी पदाधिकारियों की बात करें तो कई नेताओं ने भी पोस्ट नहीं किया। जिसमें आरती कृष्णा, भूपेंद्र मरावी, चंदन यादव, चेतन चौहान जैसे नेताओं के नाम शामिल हैं। भाजपा लगातार राहुल गांधी के युवा संपर्क कार्यक्रमों को पीआर एक्सरसाइज बताती रही है। भंडारी के इस पोस्ट के बाद कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

