January 14, 2026
National

वाराणसी में मणिकर्णिका घाट पर व्यापक विकास कार्य, शवदाह अधिक सुव्यवस्थित होगी : डीएम

Extensive development work at Manikarnika Ghat in Varanasi, cremation will be more streamlined: DM

वाराणसी के महा श्मशान के नाम से प्रसिद्ध मणिकर्णिका घाट पर हर वर्ष लाखों की संख्या में शवदाह होते हैं। शवदाह की अधिक संख्या के कारण यहां जगह की कमी के साथ-साथ साफ-सफाई और व्यवस्थाओं को बनाए रखने में भी कई प्रकार की चुनौतियां सामने आती हैं। इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए घाट पर एक व्यापक विकास परियोजना को लागू किया जा रहा है, ताकि व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित और सुचारू बनाया जा सके।

जिलाधिकारी वाराणसी सतेंद्र कुमार ने बताया कि परियोजना के तहत शवदाह के लिए नए और व्यवस्थित प्लेटफॉर्म तैयार किए जा रहे हैं, जिससे श्रद्धालुओं और परिजनों को सुविधा मिल सके।

जिलाधिकारी ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि शवदाह के बाद बची राख अक्सर आसपास के घरों और स्थानों पर फैल जाती है, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी होती है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए घाट पर ऊंची चिमनी का निर्माण किया जा रहा है, जिससे राख का उचित निस्तारण संभव हो सके। साथ ही, शवदाह में प्रयुक्त लकड़ी को अब व्यवस्थित ढंग से रखने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि अव्यवस्था और गंदगी की स्थिति न बने। मुंडन संस्कार के लिए आने वाले लोगों को भी अब तक कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, जिसे देखते हुए उनके लिए भी बेहतर सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

उन्होंने आगे बताया कि यह परियोजना पिछले एक वर्ष से लगातार चल रही है। इसके अंतर्गत घाट के कच्चे हिस्से में नए निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, जबकि पक्के हिस्सों का पुनर्स्थापन और सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। इसका उद्देश्य घाट की पारंपरिक पहचान को बनाए रखते हुए आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप सुविधाओं का विकास करना है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

इस बीच जिलाधिकारी ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही कुछ तस्वीरों और वीडियो को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर जो तस्वीरें साझा की जा रही हैं, वे घाटों और सीढ़ियों पर बनी अलग-अलग कलाकृतियों से संबंधित हैं। कुछ लोग एआई के माध्यम से मंदिरों और विग्रहों से जुड़े भ्रामक वीडियो बनाकर अफवाह फैला रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि घाट पर मौजूद सभी कलाकृतियां और मूर्तियां पूरी तरह से संस्कृति विभाग के संरक्षण में हैं और उन्हें पुनर्स्थापित किया जाएगा। मणिकर्णिका घाट पर बने मंदिर पहले की तरह सुरक्षित और यथावत बने रहेंगे।

जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों की पहचान की जा रही है और उन पर लगातार नजर रखी जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर ऐसे तत्वों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य स्पष्ट है कि मणिकर्णिका घाट की पवित्रता, सांस्कृतिक विरासत और श्रद्धालुओं की आस्था को किसी भी स्थिति में आघात न पहुंचे।

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