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फैन मर्डर केस : एक्टर दर्शन ने जेल में मनाया 49वां जन्मदिन, फैंस ने फहराए उनकी तस्वीर के झंडे

Fan murder case: Actor Darshan celebrates his 49th birthday in jail, fans hoist flags with his photo

17 फरवरी । कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने अभिनेता दर्शन इस समय एक फैन की हत्या के मामले में न्यायिक हिरासत में हैं। सोमवार को दर्शन ने अपना 49वां जन्मदिन जेल में ही सेलिब्रेट किया। वहीं, जेल के बाहर उनके समर्थकों ने धूमधाम से जन्मदिन मनाया।

बेंगलुरु के आरआर नगर इलाके में उनके आवास के बाहर प्रशंसक इकट्ठा हुए। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को सड़क पर बैरिकेडिंग करनी पड़ी ताकि भीड़ नियंत्रित रहे और कानून-व्यवस्था पर कोई असर न पड़े।

फैंस ने उनकी तस्वीर के झंडे फहराए और उनके नाम के नारे भी लगाए। इन सबसे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि भले ही अभिनेता गंभीर आरोपों के चलते जेल में बंद हों, लेकिन उनकी लोकप्रियता अब भी बरकरार है।

इस मामले में सहआरोपी और दर्शन की करीबी मानी जाने वाली पवित्रा गौड़ा ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने अपनी बेटी की परीक्षाओं का हवाला देते हुए जमानत याचिका दाखिल की है।

पवित्रा ने 57वें सत्र न्यायालय में दायर याचिका में कहा कि बेटी की पढ़ाई के इस अहम समय में उनका साथ होना जरूरी है। हालांकि, सरकारी अभियोजक ने इस याचिका का विरोध किया है। अदालत दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ही कोई फैसला सुनाएगी।

इस मामले में 11 जून 2024 को दर्शन, पवित्रा गौड़ा और 15 अन्य लोगों को चित्रदुर्ग जिले के रहने वाले रेणुकास्वामी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि रेणुकास्वामी का अपहरण किया गया और उसके बाद उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। पुलिस जांच में यह सामने आया कि यह हत्या व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा थी।

जांच एजेंसियों के अनुसार, रेणुकास्वामी ने कथित तौर पर पवित्रा गौड़ा को आपत्तिजनक मैसेज भेजे थे। वह इस बात से नाराज था कि दर्शन शादीशुदा होने के बावजूद पवित्रा के साथ रिश्ते में थे।

पुलिस का दावा है कि इस साजिश में कई लोग शामिल थे, जिनकी भूमिका की जांच अब भी जारी है।

मामले के दौरान उस समय नया मोड़ आया, जब बेंगलुरु केंद्रीय जेल में दर्शन को विशेष सुविधाएं मिलने की तस्वीरें सामने आईं। इसके बाद प्रशासन ने उन्हें वहां से हटाकर बल्लारी जेल भेज दिया।

पुलिस ने इस केस में लगभग चार हजार पन्नों का विस्तृत आरोप-पत्र दाखिल किया है। शुरुआत में दर्शन को कुछ दिनों के लिए जमानत भी मिली थी, लेकिन कर्नाटक पुलिस की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत रद्द कर दी। इसके बाद दर्शन, पवित्रा गौड़ा और अन्य आरोपियों को फिर गिरफ्तार किया गया।

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