रोहतक जिले के कई गांवों के किसानों ने अपने खेतों में बिछाई जा रही आईओसीएल पाइपलाइन के लिए पर्याप्त वित्तीय मुआवजे की मांग की है। किसानों ने बताया कि जिन खेतों से होकर ऐसी पाइपलाइन गुजरती है, उनका मूल्य काफी कम हो जाता है तथा भूमि का उपयोग सीमित हो जाता है।
प्रभावित किसानों ने रोहतक के उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने भिवानी व सोनीपत की तर्ज पर मुआवजा देने की मांग की। किसानों ने अपनी मांग के समर्थन में धरना-प्रदर्शन भी किया और नारे भी लगाए।
प्रदर्शनकारी किसानों ने संवाददाताओं को बताया कि पानीपत रिफाइनरी तक आईओसीएल की भूमिगत तेल पाइपलाइन बिछाई जा रही है। पाइपलाइन सीसर, महम, तेतरी, भराण, बहलाम्बा, निंदाना, खरक, लाखन माजरा गांवों और कस्बों में स्थित कृषि क्षेत्रों से होकर गुजरेगी।
उन्होंने दुख जताते हुए कहा, “पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू किया जा रहा है, लेकिन प्रभावित किसानों को दिया जा रहा मुआवजा काफी अपर्याप्त है तथा सोनीपत और भिवानी जिलों के किसानों को दी जा रही राहत से भी कम है।”
प्रभावित किसान मनदीप मान, रणपत, भूपेन्द्र, अजीत, बलवान सिंह, धर्मेन्द्र, संदीप, दीपक, रोहताश, राजेश, पोपन व रमेश सहित किसान सभा नेता प्रीत सिंह, बलवान सिंह व सुमित दलाल मौजूद रहे।
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