20 जून । जेडीयू सांसद संजय कुमार झा ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर सवाल उठाते हुए कहा कि सामने आए वीडियो से पूरी घटना पर गंभीर संदेह पैदा होता है।
जेडीयू सांसद संजय झा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है, लेकिन केवल निलंबन पर्याप्त नहीं है। उनके अनुसार, वरिष्ठ अधिकारियों को इस मामले की समयबद्ध जांच सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि जांच अनिश्चितकाल तक न चले।
उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार का यह सिद्धांत कि “किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा” सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए, चाहे वह आम नागरिक हो या पुलिसकर्मी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई पुलिसकर्मी अपराध में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी वैसी ही कार्रवाई होनी चाहिए जैसी अन्य अपराधियों के खिलाफ होती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त पर संजय झा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत किसानों के खातों में सीधे आने वाली 2,000 की राशि से किसान समुदाय को महत्वपूर्ण राहत मिलती है और इससे उनकी आर्थिक स्थिति को सहारा मिलता है। किसानों को इस पैसे से काफी लाभ होता है और वह अपनी खेती अच्छे से कर सकता है।
पार्टी संगठन से जुड़े मुद्दों पर बोलते हुए उन्होंने बताया कि हाल ही में हुई बैठक के विधानसभा चुनावों के बाद पार्टी की सबसे बड़ी बैठक रही। उन्होंने कहा कि जनता दल (यूनाइटेड) ने 101 सीटों पर चुनाव लड़ते हुए 85 सीटें जीतीं और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का कुल प्रदर्शन भी मजबूत रहा।
उन्होंने आगे कहा कि पार्टी नेतृत्व और राष्ट्रीय अध्यक्ष का चयन निर्विरोध हुआ है और अब संगठनात्मक विस्तार तथा बिहार में पार्टी को और मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। उनके अनुसार, पार्टी की सदस्यता एक करोड़ के करीब पहुंच चुकी है, जो संगठन के विस्तार का संकेत है।
संजय झा ने कहा कि यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आने वाले समय में संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने की रणनीति तय की जा रही है, ताकि आगामी राजनीतिक चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।

