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फतेह जंग बाजवा ने पंजाब की कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल, राज्य के भविष्य को लेकर जताई चिंता

Fateh Jung Bajwa raises questions about law and order in Punjab, expresses concern about the future of the state

भारतीय जनता पार्टी के पंजाब उपाध्यक्ष फतेह जंग बाजवा ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर पंजाब सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आज पंजाब में हालात बेहद चिंताजनक हैं और अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें पुलिस या प्रशासन का कोई डर नहीं रह गया है।

बाजवा ने एक घटना का जिक्र करते हुए आईएएनएस से कहा कि जब एक व्यक्ति की खुलेआम हत्या की गई, तो आरोपी मौके से भागे नहीं, बल्कि दो मिनट तक वहीं खड़े रहे और यह सुनिश्चित किया कि व्यक्ति की मौत हो चुकी है। यह घटना एक ऐसे इलाके में हुई, जहां पास में ही एसएसपी का कार्यालय है और वहां सुरक्षा गार्ड भी तैनात रहते हैं। इसके बावजूद अपराधियों ने निडर होकर वारदात को अंजाम दिया। इससे साफ पता चलता है कि पंजाब में पुलिस की स्थिति कितनी कमजोर हो गई है।

फतेह जंग बाजवा ने सवाल उठाया कि जब अपराधी पुलिस दफ्तर के पास भी डर के बिना गोलियां चला सकते हैं, फिरौती मांग सकते हैं और खुलेआम घूम सकते हैं, तो आम लोगों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। बाजवा ने कहा कि अगर यही हाल रहा और सरकार का एक साल और इसी तरह बीत गया, तो पंजाब का भविष्य क्या होगा, इसकी कल्पना भी डरावनी है।

बाजवा ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि डीजीपी को अपने अधिकारियों, खासकर एसएसपी और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने पूछा कि अगर पुलिस कार्यालय के बाहर तैनात गार्ड ही अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा पा रहे, तो फिर व्यवस्था पर भरोसा कैसे किया जाए।

पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्ठल के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए बाजवा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी खुद ही इस मुद्दे से किनारा करती नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं के बयान से यह साफ है कि वे इस मामले को हल्के में ले रहे हैं और इसे पुरानी बात बताकर टालने की कोशिश कर रहे हैं।

बाजवा ने यह भी कहा कि एक मुख्यमंत्री के स्तर के नेता को इस तरह की बचकानी बातें नहीं करनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर किसी अधिकारी ने मुख्यमंत्री को सुरक्षा या बम धमाके जैसी गंभीर आशंका को लेकर चेतावनी दी थी, तो उस अधिकारी पर क्या कार्रवाई की गई। अगर किसी अधिकारी में मुख्यमंत्री को इस तरह सलाह देने की हिम्मत हुई, तो यह भी अपने आप में एक बड़ा सवाल है।

इतिहास का जिक्र करते हुए बाजवा ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा सत्ता में आने के लिए ऐसे मुद्दों का इस्तेमाल करती रही है, चाहे वह 1984 का ब्लू स्टार ऑपरेशन हो या दिल्ली के दंगे। उनके मुताबिक, कांग्रेस का तरीका हमेशा यही रहा है कि सत्ता में लौटने के लिए किसी भी हद तक जाया जाए।

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