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कोलकाता की इमारत में आग लगने की घटना में फायर स्टेशन अधिकारी निलंबित

Fire station officer suspended in Kolkata building fire incident

14 मई । पश्चिम बंगाल के कोलकाता के तिलजला इलाके में आग लगने की घटना के बाद प्रगति मैदान फायर स्टेशन के प्रभारी अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि राज्य के फायर और इमरजेंसी सेवाओं के डीजी ने एक नोटिफिकेशन जारी करते हुए कहा कि प्रगति मैदान फायर स्टेशन के स्टेशन अधिकारी और प्रभारी गौतम दास को ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में निलंबित किया जा रहा है।

नोटिफिकेशन में यह भी कहा गया है कि प्रगति मैदान फायर स्टेशन पर आग से सुरक्षा कानूनों की निगरानी, ​​निरीक्षण और उन्हें लागू करने में गंभीर लापरवाही बरती गई। फायर विभाग के अधिकारियों ने दास को तुरंत निलंबित करने और उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने के आदेश दिए हैं। यह जांच एक महीने के भीतर पूरी की जानी चाहिए।

पता चला है कि निलंबन की अवधि के दौरान गौतम दास फायर विभाग के मुख्यालय में ही रहेंगे। वह अधिकारियों की अनुमति के बिना मुख्यालय से बाहर नहीं जा सकेंगे।

मंगलवार दोपहर को टॉप्सिया में 50/1 जीजे खान रोड पर स्थित एक बहुमंजिला इमारत की दूसरी मंजिल पर बनी एक चमड़े की फैक्ट्री में आग लग गई। आग तेजी से फैल गई। आग में पांच लोग फंस गए। जैसे ही आग का पता चला, स्थानीय लोगों ने फायर विभाग को इसकी सूचना दी। सूत्रों के अनुसार, फायर विभाग को दोपहर करीब 1:45 बजे आग के बारे में जानकारी मिली।

सूचना मिलते ही कई दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग की तीव्रता के कारण इमारत में फंसे लोगों को निकलने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। दमकल कर्मियों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन आग की भीषणता के चलते उन सभी को झुलसी हुई हालत में निकाला गया और कलकत्ता नेशनल मेडिकल कॉलेज और अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों ने उनकी जांच की और उनमें से दो को मृत घोषित कर दिया। तीन अन्य लोगों की हालत अभी गंभीर बनी हुई है।

आग लगने की घटना के बाद उस रिहायशी इमारत में चल रही अवैध फैक्ट्री को गिराने के लिए एक बुलडोजर का इस्तेमाल किया गया।

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी द्वारा यह कहे जाने के 30 घंटे के भीतर ही फैक्ट्री को गिराने का काम शुरू कर दिया गया कि यह फैक्ट्री अवैध रूप से चलाई जा रही थी। उन्होंने इस अवैध ढांचे को गिराने का आदेश दिया और कुछ ही घंटों के भीतर फैक्ट्री को गिराने का काम शुरू हो गया। फैक्ट्री को गिराने के दौरान कोई अप्रिय घटना न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए इलाके में पुलिस बल तैनात किए गए थे। केंद्रीय बल भी तैनात किए गए थे।

नई राज्य सरकार ने मंगलवार को एक जांच समिति का गठन किया, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह दुर्घटना कैसे हुई। उस रिपोर्ट के आधार पर मुख्यमंत्री सुवेंदु ने बुधवार दोपहर को कहा कि तिलजला फैक्टरी के पास कोई बिल्डिंग प्लान नहीं था। वहां आग से सुरक्षा के सामान्य उपाय भी मौजूद नहीं थे। उन्होंने कहा कि यह फैक्टरी पूरी तरह से अवैध रूप से चल रही थी।

पुलिस ने आग लगने के मामले में चमड़े की फैक्ट्री के मालिक जफर निसार को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है।

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