4 अप्रैल । छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स और थाना सिंघोड़ा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में उड़िशा से महाराष्ट्र ले जाए जा रहे भारी मात्रा में गांजा को जब्त करते हुए 5 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। इस पूरी कार्रवाई में कुल 2 करोड़ 6 लाख 45 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की गई है, जिसमें 1 करोड़ 40 लाख 95 हजार रुपए कीमत का 281.900 किलो गांजा भी शामिल है।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय महासमुंद से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स को लगातार निर्देश दिए गए हैं कि अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सोर्स प्वाइंट से लेकर डेस्टिनेशन प्वाइंट तक सघन और वैज्ञानिक जांच की जाए। इसी कड़ी में जिलेभर में लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि उड़ीसा की ओर से दो लग्जरी वाहन में भारी मात्रा में गांजा भरकर महाराष्ट्र की ओर ले जाया जा रहा है। यह पूरी कार्रवाई एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स और थाना सिंघोड़ा पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा अंजाम दी गई।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग 53 स्थित रेहटीखोल के पास नाकाबंदी की। कुछ ही देर में बताए गए नंबर की फार्चुनर और स्कॉर्पियो वहां पहुंचीं, जिन्हें रोककर तलाशी ली गई। फार्चुनर कार में तीन लोग सवार थे, जिन्होंने पूछताछ में अपने नाम प्रशांत शंकर गोले, क्षितिज वीरसेन जाधव और अक्षय नंदकुमार निगम बताए, जो महाराष्ट्र के सतारा जिले के निवासी हैं। वहीं, स्कॉर्पियो सवार दो अन्य व्यक्तियों ने अपना नाम अभिषेक डेविड जगले, निवासी शोलापुर और महेश काटकर, निवासी सतारा बताया।
वाहनों की तलाशी लेने पर फार्चुनर की पिछली सीट और स्कॉर्पियो के बीच तथा पीछे रखी बोरियों में गांजा भरा मिला। आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वे यह गांजा उड़ीसा के फुलवानी जिले से महाराष्ट्र के पुणे में खपाने के लिए ले जा रहे थे। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 281.900 किलो गांजा जब्त कर लिया, जिसकी कीमत 1 करोड़ 40 लाख 95 हजार रुपए आंकी गई है।
इसके साथ ही गांजा परिवहन में प्रयुक्त फार्चुनर, जिसकी कीमत करीब 40 लाख रुपए है और स्कॉर्पियो, जिसकी कीमत लगभग 25 लाख रुपए है, को भी जब्त किया गया। इसके अलावा, आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं, जिनकी कीमत करीब 50 हजार रुपए बताई गई है। इस तरह कुल मिलाकर 2 करोड़ 6 लाख 45 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की गई है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) और 29(1) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है, जिसमें तस्करी के नेटवर्क, फाइनेंशियल लिंक और अन्य संबंधित पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

