मॉक ड्रिल के तहत गुरुवार सुबह सोनीपत में बाढ़ की आपातकालीन चेतावनी जारी की गई। स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया। इसी बीच, मिनी सचिवालय स्थित नियंत्रण कक्ष को मेहलाना गांव से गुजरने वाली नहर में तीन लोगों के डूबने की सूचना मिली।
सूचना मिलते ही राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), पुलिस, स्वास्थ्य, सिंचाई और अग्निशमन विभागों सहित अन्य एजेंसियों के अधिकारियों की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं।
एसडीआरएफ और जिला आपदा प्रबंधन बल की टीमें मौके पर पहुंचीं और नहर में खोज एवं बचाव अभियान चलाते हुए विशेष बचाव उपकरणों और मोटरबोटों की मदद से तीन लोगों की जान बचाई। टीम ने तुरंत उन्हें बाहर निकाला और स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्थापित पास के स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया।
पानीपत में समालखा और आईओसीएल में एक साथ मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस ड्रिल में जिला आपदा प्रबंधन बल, एसडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य, अग्निशमन और अन्य विभागों की टीमों का नेतृत्व उपायुक्त वीरेंद्र कुमार दहिया ने किया। अभ्यास का उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था। सायरन बजते ही सभी सिस्टम अलर्ट पर आ गए और टीमों ने घायलों और फंसे हुए अन्य लोगों को बचाया।
डीसी दहिया ने एसपी भूपेंद्र सिंह के साथ मिलकर न केवल नियंत्रण कक्ष से स्थिति पर नजर रखी, बल्कि आईओसीएल में स्थिति का निरीक्षण भी किया और टीमों द्वारा किए गए सुरक्षा, बचाव और बचाव संबंधी इंतजामों की समीक्षा की।

