N1Live National व्यापारी बिंदा सिंह की मौत के 4 दिन बाद भी वियतनाम से नहीं लौटा पार्थिव शरीर, परिवार ने केंद्र से मांगी मदद
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व्यापारी बिंदा सिंह की मौत के 4 दिन बाद भी वियतनाम से नहीं लौटा पार्थिव शरीर, परिवार ने केंद्र से मांगी मदद

Four days after the death of businessman Binda Singh, his body has not yet returned from Vietnam; his family has sought central government help.

8 अप्रैल । पटना के रहने वाले व्यापारी बिंदा प्रसाद सिंह की वियतनाम में मौत के बाद परिवार उनके पार्थिव शरीर के लौटने का इंतजार कर रहा है। चार दिन बीतने के बावजूद कोई उम्मीद नहीं दिखने पर बिंदा सिंह के परिवार ने केंद्र सरकार से मदद की गुहार लगाई है।

बिंदा प्रसाद सिंह की पत्नी मालती देवी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “सरकार से मेरी गुजारिश है कि वे मेरे पति का शव और मेरे बच्चों को वापस भारत ले आएं। कृपया जितनी जल्दी हो सके, हमारी मदद करें। मेरे पति के गुजरे हुए चार दिन हो चुके हैं। एक परिवार के तौर पर हम कैसे गुजारा कर रहे हैं, यह सिर्फ हम ही जानते हैं। मेरी हालत ऐसी नहीं है कि मैं ठीक से बोल भी पाऊं। हम पूरी तरह से टूट चुके हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “10 मार्च को पति से आखिरी बार बात हुई थी। मुझसे बोला था कि वे एक घंटे में होटल से एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे। उसके बाद से बिल्कुल बात नहीं हुई। उन्हें एयरपोर्ट पर दिल का दौरा पड़ा था। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया और 24 मार्च को पोते ने फोन किया था कि दादाजी को होश आ गया है। इसके बाद से हमने लगातार वीजा को लेकर बात की। वीजा अटका दिया गया और उसी बीच में पति का निधन हो गया।”

पत्नी मालती देवी ने कहा, “मोदी सरकार हमेशा सबकी मदद करती है। उसे हमारी भी मदद करनी चाहिए। हमारे दो बच्चे भी वियतनाम हैं, लेकिन फिर भी वीजा के कारण पार्थिव शरीर भारत नहीं आ पा रहा है।”

मृतक बिंदा प्रसाद सिंह की पोती मनीषा सिंह ने कहा, “यह घटना लगभग एक महीने पहले हुई थी। विमान में चढ़ने से ठीक पहले, उन्हें दिल का दौरा पड़ा। उस समय उन्हें एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन वहां की सुविधाएं पर्याप्त नहीं थीं। इसलिए अस्पताल प्रबंधन और स्थानीय अधिकारियों ने मेरे भाइयों और मेरे चाचा को सलाह दी कि वे उन्हें दूसरे अस्पताल ले जाएं, और जब उनकी हालत स्थिर हो जाए, तो वे उन्हें वापस ला सकते हैं। दादाजी की हालत में सुधार आ चुका था, लेकिन बाद में उनकी मृत्यु हो गई।”

मनीषा ने बताया कि वियतनाम की पुलिस और प्रशासन हमारी मदद नहीं कर रहा है। भारतीय दूतावास को भी घटना की जानकारी दी जा चुकी है, जो इसमें हमारी मदद में जुटे हुए हैं। फिर से वियतनाम से वीजा क्लियरेंस नहीं मिल रहा है।

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