कपूरथला सेंट्रल जेल के अंदर दो गुटों के बीच हुई झड़प में चार विचाराधीन कैदी घायल हो गए। बताया जा रहा है कि यह झड़प कतार में खड़े होने को लेकर हुए विवाद के बाद हुई। झड़प के बाद जेल अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया और घायलों के लिए कपूरथला सिविल अस्पताल में चिकित्सा उपचार की व्यवस्था की। घायल हुए दो विचाराधीन कैदियों की पहचान बोबी और उसके भाई लकी के रूप में हुई है, दोनों जालंधर के बूटा मंडी के निवासी हैं। बताया जा रहा है कि उन्हें मामूली चोटें आई हैं और उनका इलाज चल रहा है। झड़प में विरोधी गुट के दो अन्य सदस्यों को भी मामूली चोटें आई हैं।
बॉबी ने अधिकारियों को बताया कि उसके खिलाफ 2025 में एक आपराधिक मामला दर्ज किया गया था और उसे उस मामले में भगोड़ा घोषित कर दिया गया था। बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। लकी ने बताया कि पिछले महीने पुलिस ने उसे झगड़े से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया था। जमानत न मिलने के कारण उसे जेल भेज दिया गया। बाद में जेल के अंदर दोनों भाइयों का अन्य विचाराधीन कैदियों से विवाद हो गया, जिसके परिणामस्वरूप झड़प हुई।
घायलों को कपूरथला के सिविल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल अधिकारियों ने आवश्यक चिकित्सा रिपोर्ट तैयार कर संबंधित पुलिस स्टेशन को भेज दी। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। कपूरथला केंद्रीय जेल के सहायक अधीक्षक सतपाल सिंह ने बताया कि घटना के समय वे जेल के बाहर थे और मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जांच की जा रही है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना से सुधारगृहों में कैदियों के बीच विवादों की निरंतर निगरानी और समय पर हस्तक्षेप की आवश्यकता उजागर होती है। आधिकारिक जांच और उचित कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से टकराव के सटीक कारणों के साथ-साथ कथित हमले के लिए जिम्मेदारी का निर्धारण किया जाना चाहिए।

