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जन्म से फिल्मी सफर तक, बीना राय की जिंदगी में क्यों खास रही 13 तारीख

From birth to her cinematic journey: Why the 13th held special significance in Bina Rai's life.

1950 और 60 के दशक की मशहूर अभिनेत्री बीना राय ने अपनी सादगी, दमदार अभिनय और शाही अंदाज से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। हालांकि, उनकी जिंदगी से जुड़ा एक दिलचस्प पहलू यह भी है कि 13 तारीख उनके जीवन के कई अहम मोड़ों से जुड़ी रही। बीना राय की कहानी में इस तारीख का कनेक्शन लोगों का ध्यान जरूर खींचता है।

बीना राय का जन्म 13 जुलाई 1931 को लाहौर में हुआ था। भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के बाद उनका परिवार लाहौर छोड़कर उत्तर प्रदेश आ गया। उन्होंने आगे की पढ़ाई लखनऊ में की और यहीं से उनके अंदर अभिनय के प्रति रुचि पैदा हुई। कॉलेज के दिनों में वह नाटकों में हिस्सा लेने लगीं और धीरे-धीरे उनकी पहचान एक प्रतिभाशाली छात्रा के रूप में बनने लगी।

बीना राय की जिंदगी में एक बड़ा बदलाव भी 13 तारीख से जुड़ा बताया जाता है। जब वह कॉलेज में पढ़ रही थीं, तब उन्होंने अखबार में एक टैलेंट प्रतियोगिता का विज्ञापन देखा। इस प्रतियोगिता के जरिए नई अभिनेत्री की तलाश की जा रही थी। बीना को लगा कि यह उनके सपनों को पूरा करने का मौका हो सकता है। हालांकि, उस दौर में लड़कियों का फिल्मों में जाना परिवार और समाज के लिए आसान फैसला नहीं था। परिवार की नाराजगी के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और जीत भी हासिल की। इसके बाद उन्हें फिल्म ‘काली घटा’ में काम करने का अवसर मिला।

बताया जाता है कि इसी फिल्म से जुड़ा उनका कॉन्ट्रैक्ट भी 13 जुलाई को हुआ था। यह उनके लिए सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि उनके फिल्मी सफर की शुरुआत का यादगार दिन बन गया।

इसके बाद जब उनकी पहली फिल्म ‘काली घटा’ दर्शकों के सामने आई, बताया जाता है कि तब भी 13 जुलाई का संयोग उनके साथ जुड़ा रहा। इस फिल्म ने बीना राय को पहचान दिलाई और धीरे-धीरे वह हिंदी सिनेमा की चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल हो गईं। इसके बाद उन्होंने ‘अनारकली,’ ‘घूंघट,’ और ‘ताजमहल’ जैसी फिल्मों में शानदार अभिनय किया।

बीना राय के करियर का सबसे बड़ा पड़ाव फिल्म ‘अनारकली’ रही। इस फिल्म में उन्होंने ऐसा अभिनय किया कि दर्शक उन्हें इस किरदार से जोड़कर देखने लगे। बाद में उन्होंने ‘घूंघट’ के लिए फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार भी जीता। उनकी लोकप्रियता इतनी थी कि उस दौर में वह सबसे ज्यादा फीस पाने वाली अभिनेत्रियों में गिनी जाती थीं।

बीना राय ने 6 दिसंबर 2009 को दुनिया को अलविदा कह दिया, लेकिन उनकी फिल्मों और उनकी जिंदगी के दिलचस्प किस्से आज भी हिंदी सिनेमा के इतिहास में दर्ज हैं।

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