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दो गायों से लेकर 60 तक सिरसा के किसान ने एक अत्याधुनिक डेयरी व्यवसाय का निर्माण किया

सिरसा जिले के कोटली गांव के निवासी 35 वर्षीय सोनू कंबोज ने पशुपालन के अपने बचपन के शौक को एक सफल डेयरी व्यवसाय में बदल दिया है। बीकॉम स्नातक सोनू के पास कभी सिर्फ एक या दो गायें हुआ करती थीं। 2024 में, उन्होंने पशुपालन एवं दुधारू विभाग की हाई-टेक और मिनी डेयरी यूनिट योजना के तहत बैंक से ऋण लेकर 50 दुधारू गायों के साथ एक डेयरी इकाई स्थापित की। आज उनकी डेयरी में 60 पशु हैं और प्रतिदिन लगभग 1,000 लीटर दूध का उत्पादन होता है।

सोनू के अनुसार, उन्होंने 37.5 लाख रुपये का ऋण लिया और 12.5 लाख रुपये अपनी जेब से निवेश किए। वे 40-41 रुपये प्रति लीटर की दर से दूध बेचते हैं और दूध की बिक्री से उन्हें प्रति माह लगभग 1 लाख से 1.5 लाख रुपये की आय होती है।

सोनू ने अपनी डेयरी के प्रबंधन के लिए आधुनिक तकनीक अपनाई है। पशुओं को चारा खिलाने, गोबर हटाने और दूध दुहने जैसे कार्यों के लिए मशीनों का उपयोग किया जाता है। वह पशुओं को चारा देने के लिए संपूर्ण मिश्रित राशन (टीएमआर) प्रणाली और पशुशाला की सफाई के लिए खुरचनी मशीन का उपयोग करते हैं। इसके अलावा, वह मक्के के साइलेज सहित संतुलित चारा देकर पशुओं के स्वास्थ्य और दूध की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान देते हैं।

पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करने के लिए सोनू ने डेयरी शेड पर 20 किलोवाट का सौर ऊर्जा सिस्टम लगाया है। वे अपने 15 एकड़ खेत में पशुओं के गोबर का इस्तेमाल जैविक खाद के रूप में भी करते हैं, जिससे रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता कम हो जाती है। सोनू ने बताया कि सरकारी योजना के तहत मिली वित्तीय सहायता से उन्हें अपने डेयरी व्यवसाय को बढ़ाने में मदद मिली। उनका मानना ​​है कि आधुनिक मशीनरी, पशुओं की उचित देखभाल और बेहतर प्रबंधन से डेयरी फार्मिंग सिर्फ एक पारंपरिक पेशा नहीं बल्कि एक लाभदायक व्यवसाय बन सकता है। उनकी कहानी दर्शाती है कि कैसे सरकारी सहायता और आधुनिक तकनीक किसानों को उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए अपने व्यवसाय को बढ़ाने में मदद कर सकती है।

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