January 29, 2026
Entertainment

अजित पवार के निधन पर भावुक हुए गजेंद्र चौहान, बोले- ‘दादा’ का जाना बहुत बड़ी क्षति

Gajendra Chauhan became emotional on the demise of Ajit Pawar, said- ‘Dada’s passing is a huge loss

बारामती प्लेन क्रैश में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन की खबर से देश भर में शोक की लहर है। अभिनेता और भाजपा के पूर्व नेता गजेंद्र चौहान ने इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि ‘दादा’ का जाना महाराष्ट्र के साथ पूरे देश के लिए बहुत बड़ी क्षति है।

उन्होंने अजित पवार को ‘अजित दादा’ कहकर संबोधित करते हुए उन्हें एक संघर्षशील, दबंग और जननेता बताया, जिनके जाने से महाराष्ट्र को अपूरणीय क्षति हुई है। गजेंद्र चौहान ने कहा, “आज सुबह जब यह खबर आई तो पहले लगा कि शायद फेक न्यूज है, लेकिन जब बड़े चैनलों पर देखा तो कन्फर्म हुआ कि दादा का प्लेन क्रैश हो गया और वह नहीं रहे तो बहुत झटका लगा। हम सब प्रार्थना कर रहे थे कि यह खबर गलत हो या वह वापस आ जाएं, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।”

उन्होंने अजित पवार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि अजित दादा बहुत संघर्ष करके ऊपर आए। बारामती में उन्होंने बहुत काम किया और अब पूरे महाराष्ट्र के लिए काम कर रहे थे। डिप्टी चीफ मिनिस्टर के तौर पर वह राज्य की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे। गजेंद्र चौहान ने कहा, “उनका व्यक्तित्व कमाल का था, वह दबंग नेता थे। जो काम नहीं हो सकता, उसे साफ मना कर देते थे। जो होना होता था, उसे पूरा करके दिखाते थे, वह जनता के लिए जीते थे। महाराष्ट्र में जो सुधार हुए, उसमें उनका बहुत बड़ा हाथ था।”

अभिनेता ने बताया कि उनकी अजित पवार से दो बार मुलाकात हुई, एक बार मुंबई एयरपोर्ट पर और दूसरी बार नागपुर एयरपोर्ट के लाउंज में। दोनों बार सिर्फ महाभारत पर और हल्की-फुल्की दो-चार बातें हुईं। उनके साथ गजेंद्र का भले कोई गहरा रिश्ता नहीं था, लेकिन उनके कामों को वह सराहते थे। उन्होंने कहा, “एक एडमिनिस्ट्रेटर और पॉलिटिशियन के तौर पर वह जनता के लिए जो काम करते थे, वह बहुत सराहनीय था।”

गजेंद्र चौहान ने उनके निधन को महाराष्ट्र के लिए बहुत बड़ी हानि बताया। उन्होंने कहा, “हर किसी को एक दिन जाना है, लेकिन जब कोई नेता या कलाकार कम उम्र में चला जाता है और उससे बहुत उम्मीदें जुड़ी होती हैं तो दुख और बढ़ जाता है। अजित दादा से महाराष्ट्र की जनता को बहुत उम्मीदें थीं। राज्य की प्रगति में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण थी। सरकार के साथ मिलकर वह बेहतरीन काम कर रहे थे। महाराष्ट्र की जनता उन्हें बहुत मिस करेगी। ऐसे नेता का असमय चले जाना पूरे प्रदेश और जनता के लिए नुकसान है। उनके परिवार और करीबी लोगों को भगवान यह दुख सहने की शक्ति दें।”

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