3 अप्रैल । जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गांदरबल जिले के अरहामा इलाके में हुए एनकाउंटर को लेकर मजिस्ट्रियल जांच का आदेश दिया है। यह कदम उस समय उठाया गया, जब एनकाउंटर के बाद इलाके में भारी आक्रोश और विवाद पैदा हो गया। मनोज सिन्हा ने स्पष्ट किया कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और व्यापक होगी और हर पहलू को ध्यान में रखते हुए न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल कार्यालय के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर बताया गया कि अरहामा (गांदरबल) की घटना की गहन और निष्पक्ष मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। यह जांच घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि न्याय मिले।
घटना 1 अप्रैल की देर शाम को गांदरबल के अरहामा में हुए एनकाउंटर में राशिद अहमद मुगल निवासी चुंटवालीवार लार की मौत हो गई थी। सुरक्षा बलों के अनुसार, एनकाउंटर में एक अज्ञात आतंकवादी मारा गया, जबकि मृतक के परिवार का दावा है कि राशिद का आतंकवाद या किसी अवैध गतिविधि से कोई संबंध नहीं था। इस बात ने पूरे इलाके में और राजनीतिक गलियारों में सवाल खड़े कर दिए।
इस घटना के बाद जम्मू-कश्मीर के गृह विभाग ने गांदरबल के जिलाधिकारी को आदेश दिया कि वे मामले की निष्पक्ष मजिस्ट्रियल जांच कराएं। जांच का उद्देश्य राशिद अहमद मुगल की मौत से जुड़े सभी तथ्यों और परिस्थितियों का पता लगाना है। जांच को सात दिनों के भीतर पूरा करने और रिपोर्ट सीधे गृह विभाग को सौंपने का निर्देश दिया गया है।
इससे पहले जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती और नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद अगा रूहुल्लाह मेहदी ने भी गांदरबल एनकाउंटर पर प्रतिक्रिया देते हुए गहन जांच की मांग की थी। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच से ही सच सामने आ सकता है और न्याय सुनिश्चित किया जा सकता है।

