March 28, 2025
General News

सुशांत और दिशा की मौत को लेकर गणेश हिवारकर का दावा, कहा- हत्या थी, बड़े लोग हैं शामिल

Ganesh Hivarkar’s claim on Sushant and Disha’s death, said- it was murder, big people are involved

सुशांत सिंह राजपूत के दोस्त गणेश हिवारकर ने दावा किया है कि दिशा सालियान और सुशांत की मौत हत्या थी, लेकिन मुंबई पुलिस अब तक सच्चाई को उजागर नहीं कर पाई है। गणेश ने कहा कि दिशा की मौत 8 जून को हुई और सुशांत की 13 जून को, लेकिन इन दोनों मामलों के बीच एक बड़ा रहस्य है, जिसे अभी तक सुलझाया नहीं जा सका है। गणेश ने अपने यूट्यूब चैनल पर दिशा के पिता को बुलाकर उनसे सवाल किए और पूछा कि क्या उन्हें किसी ने धमकाया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस केस में बड़े लोग शामिल हैं, इसलिए सच्चाई को दबाया जा रहा है। उनके अनुसार, इस मामले में कई रहस्य हैं और अब भी न्याय की मांग जारी है।

गणेश हिवारकर ने दावा किया कि दिशा सालियान की मौत हत्या थी और उसके छह दिन बाद सुशांत सिंह राजपूत की भी मौत हुई, जो संयोग नहीं हो सकता। दिशा सालियान सुशांत की मैनेजर थीं और उनकी हत्या के छह दिन बाद सुशांत की हत्या हुई, यह दोनों घटनाएं एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। गणेश ने यह भी कहा कि सुशांत के लिए सभी लोग लड़े, लेकिन दिशा सालियान का केस किसी ने ज्यादा ध्यान नहीं दिया, क्योंकि वह सुशांत की मैनेजर थीं और उनकी मौत की कड़ी अब सामने आई है।

गणेश ने बताया कि दिशा के पिता उनके पास आए और उन्होंने उनके चैनल पर आकर सब कुछ समझा, बाद में दिशा के पिता ने अपनी बेटी के लिए न्याय की मांग करते हुए अन्य मीडिया चैनलों पर भी जाकर अपना पक्ष रखा। इसके बाद उन्होंने कोर्ट में याचिका भी दायर की, जिसमें उन्होंने न्याय की मांग की और कहा कि उनकी बेटी के साथ अन्याय हुआ है।

गणेश ने कहा कि इस मामले में जैसे पहले से नारायण राणे नाम ले रहे हैं कि आदित्य ठाकरे, सूरज पंचोली और डीनो मौर्या जैसे नामों इसमें इंवॉल्वमेंट है। गणेश ने कहा कि इसके अलावा दिशा के पिता ने भी अब आदित्य ठाकरे की जांच की मांग की है और एफआईआर दर्ज होने की अपील की है। गणेश का मानना है कि यह दोनों मामले आपस में जुड़े हुए हैं और दोनों मामलों में कई सबूत सामने आए हैं जो यह साबित करते हैं कि दोनों मौतें हत्या थीं, न कि आत्महत्या।

गणेश ने यह भी बताया कि दिशा के फोन पर 100 नंबर पर कॉल किया गया था, जो सामान्यत: तब किया जाता है, जब कोई बड़ी मुसीबत होती है। उनका कहना था कि यदि मोबाइल चोरी भी हो, तो कोई 100 नंबर पर कॉल नहीं करता, बल्कि पुलिस स्टेशन जाता है। गणेश ने यह दावा किया कि पुलिस ने दिशा के फोन की रिकॉर्डिंग ले ली थी, लेकिन बाद में कई सबूत नष्ट कर दिए। इसके अलावा, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दिशा की पोस्टमार्टम तीन दिन तक की गई, जबकि सुशांत की पोस्टमार्टम रातों-रात की गई, जो कानूनी दृष्टि से गलत है।

गणेश ने यह भी कहा कि सीबीआई ने इस मामले में क्लोजर रिपोर्ट दी है, लेकिन सीबीआई की वेबसाइट पर इसका कोई आधिकारिक उल्लेख नहीं है। रिया चक्रवर्ती के वकील सतीश मान शिंदे ने चैनल पर आकर यह दावा किया कि सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट आ चुकी है, लेकिन कोर्ट को अभी तक वह रिपोर्ट नहीं दी गई है। गणेश के अनुसार, सीबीआई ने जो रिपोर्ट दी है, वह सही नहीं हो सकती, क्योंकि कोर्ट को वह रिपोर्ट अब तक नहीं मिली है।

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