मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देश पर शुरू किए गए ‘गैंगस्टर ते वार’ अभियान के तहत विदेशों में न्याय से बच रहे अपराधियों को पकड़ने और वापस लाने के निरंतर प्रयासों में एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने शनिवार को यहां बताया कि सबसे वांछित गैंगस्टर अमृतपाल सिंह उर्फ अमृत दलम को मोल्दोवा सीमा पर हिरासत में लिया गया है।
भगोड़े अमृतपाल दलम को पंजाब पुलिस के अनुरोध पर विदेश मंत्रालय (एमईए), केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई), इंटरपोल और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के समन्वय से जारी इंटरपोल रेड नोटिस (रेड कॉर्नर नोटिस) के आधार पर हिरासत में लिया गया था।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देश पर पंजाब पुलिस ने हाल ही में विदेश में बैठे अपराधियों तक पहुंचने और उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करने के लिए पंजाब वापस लाने हेतु प्रत्यर्पण प्रक्रिया में तेजी लाने के उद्देश्य से पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) काउंटर इंटेलिजेंस आशीष चौधरी के नेतृत्व में ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्रैडिशन सेल (ओएफटीईसी) की स्थापना की है।
मिली जानकारी के अनुसार, बटाला के दलम नांगल गांव का निवासी अमृतपाल सिंह उर्फ अमृत दलम, जगगु भगवानपुरिया गिरोह से घनिष्ठ रूप से जुड़ा हुआ है और फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल करके विदेश भाग गया है। वह अमृतसर क्षेत्र में व्यक्तियों और व्यापारियों को निशाना बनाकर जबरन वसूली के लिए सक्रिय रूप से फोन कर रहा है।
डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि अमृतपाल सिंह पंजाब में मादक पदार्थों की तस्करी, हत्या, हत्या के प्रयास आदि सहित कई गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित है और काफी समय से विदेश में फरार है।
उन्होंने कहा, “अमृत दलम की गिरफ्तारी निरंतर अंतरराष्ट्रीय समन्वय और पंजाब पुलिस एजेंसियों द्वारा लगातार की गई कार्रवाई के परिणामस्वरूप हुई है।” उन्होंने आगे कहा कि अब भारत में उनके प्रत्यर्पण/निर्वासन को सुनिश्चित करने के लिए कानूनी और राजनयिक प्रक्रियाएं चल रही हैं ताकि उन्हें कानून का सामना करना पड़े।
डीजीपी ने कहा कि पंजाब पुलिस की ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्रैडिशन सेल (ओएफटीईसी) वर्तमान में विदेशों में छिपे विभिन्न अपराधियों का पीछा कर रही है।


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