मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के बीच तेल और गैस आपूर्ति पर संकट के बादल छाए हुए हैं। एक तरफ घरेलू गैस सिलेंडर के लिए लोग लाइन में लगे हुए हैं, वहीं कमर्शियल गैस की किल्लत से रेस्टोरेंट और ढाबे प्रभावित हुए हैं। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि अभी देश में कोई किल्लत नहीं है, सिर्फ कालाबाजारी की वजह से ये स्थितियां उत्पन्न हुई हैं। वहीं, कानपुर में गैस एजेंसियों और वितरण केंद्रों पर स्थिति सामान्य है और सामान्य रूप से गैस सिलेंडर का वितरण हो रहा है।
कानपुर में एक एजेंसी के डिलीवरी एजेंट का कहना है, “यहां सिलेंडर लेने के लिए कतारें नहीं लगतीं। सारा काम वाउचर के जरिए होता है। यहां भीड़भाड़ नहीं होती है।” एक ग्राहक का कहना है, “हमने परसों सिलेंडर बुक कराया था। आज हमें एक घंटे के अंदर गैस सिलेंडर मिल गया, कोई परेशानी नहीं हुई। वाउचर मिलते ही हमने रसीद जमा की और सिलेंडर ले लिया। लाइन में लगने की कोई ज़रूरत नहीं पड़ी।”
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कमी की खबरों पर एक ग्राहक का कहना है, “कोई समस्या नहीं है। गैस आसानी से उपलब्ध है। हमने परसों ही बुकिंग कराई थी और आज हमें मिल रही है।”
एक अन्य ग्राहक ने कहा कि अफवाहें ज्यादा फैलाई जा रही हैं, बुकिंग के एक दिन बाद बिना लाइन लगाए ही सिलेंडर मिल गया। डिलीवरी बॉय आसिफ का कहना है, “गैस सिलेंडर बुक करने वाले लोगों को कोई समस्या नहीं आ रही है। अगर आप आज बुक करते हैं, तो सिलेंडर कल मिल जाता है। कोई परेशानी नहीं है, सब कुछ सुचारू रूप से चल रहा है।”
वहीं, राजस्थान के टोंक जिले में उपभोक्ता आसानी से एलपीजी सिलेंडर बुक कर पा रहे हैं। दावा है कि जिले में किसी भी प्रकार की कमी की सूचना नहीं है। एक स्थानीय निवासी का कहना है, “हमने परसों सिलेंडर बुक किया था और आज डिलीवर हो गया है। बस एक ही दिक्कत है कि कीमत में थोड़ी बढ़ोतरी हो गई है।”

