नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि यदि खाली प्लाटों के मालिक स्वयं फेंसिंग या चारदीवारी नहीं करवाते हैं तो नगर निगम यह कार्य करवाएगा तथा इस पर होने वाला खर्च प्लाट मालिकों से वसूला जाएगा।
नगर निगम आयुक्त आयुष सिन्हा ने स्थानीय लोगों को खाली प्लॉटों में कूड़ा फेंकने से रोकने के लिए ये आदेश जारी किए हैं। ‘स्वच्छ यमुनानगर-जगाधरी’ अभियान की शुरुआत करते हुए सिन्हा ने कहा कि वे जुड़वां शहरों यमुनानगर और जगाधरी को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर नागरिक को इस पहल में नगर निगम की मदद करनी चाहिए और मालिकों को बाड़ या चारदीवारी बनवानी चाहिए।
नगर आयुक्त ने बताया कि यह अभियान अगले 15 दिनों तक दोनों शहरों में चलेगा। सिन्हा ने बताया, “अभियान के दौरान सभी सड़कों, सार्वजनिक स्थानों और कॉलोनियों की सफाई की जाएगी और सड़कों के किनारे उगी घास और जमा कचरे को भी हटाया जाएगा।”
उन्होंने कहा कि जुड़वां शहरों की मुख्य सड़कों के किनारे कई खाली प्लॉट हैं, जो कचरे से भरे हुए हैं। उन्होंने कहा, “इन खाली प्लॉटों में न तो चारदीवारी है और न ही बाड़। सड़क किनारे बने ऐसे प्लॉट जुड़वां शहरों की खूबसूरती को खराब कर रहे हैं। इन प्लॉटों के मालिकों को इन्हें साफ करने का निर्देश दिया गया है।”
उन्होंने कहा कि दोनों शहरों में सफाई कार्य के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। उन्होंने कहा कि उन्होंने बड़ी संख्या में खुले में कूड़ा डालने वाले स्थानों को बंद कर दिया है और उनकी जगह गमले और बेंच रख दिए हैं। उन्होंने कहा कि दोनों शहरों में अभी भी कुछ ऐसे स्थान हैं जहां पर खुले में कूड़ा डाला जा रहा है, इसलिए ऐसे स्थानों को कूड़ा मुक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
सिन्हा ने कहा, “इन जगहों को भी बंद कर दिया जाएगा और वहां गमले और बेंच रख दिए जाएंगे। अगर फिर भी कोई खुले में कूड़ा फेंकता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।”