ऐतिहासिक जल महलों की नगरी डीग में शनिवार को राजस्थान पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में डीग महोत्सव-2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। महोत्सव के आगाज पर शहर में उत्सव और उल्लास का माहौल देखने को मिला। जिला कलक्टर मयंक मनीष ने ऐतिहासिक जल महलों से शोभायात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। शोभायात्रा में राजस्थानी लोक कलाकारों की रंगारंग प्रस्तुतियों, पारंपरिक वेशभूषा और महिलाओं की कलश यात्रा ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
शोभायात्रा जल महलों से शुरू होकर शहर के प्रमुख बाजारों से गुजरी और वापस जल महलों पर पहुंचकर संपन्न हुई। इस दौरान राजस्थानी लोक संस्कृति की जीवंत झलक देखने को मिली। लोक कलाकारों ने पारंपरिक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया। वहीं, महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर कलश यात्रा में भाग लिया। आयोजन के जरिए डीग की ऐतिहासिक पहचान और सांस्कृतिक परंपराओं को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया गया।
शुभारंभ अवसर पर जिला कलक्टर मयंक मनीष ने कहा कि डीग अपनी ऐतिहासिक धरोहर, आकर्षक जल महलों, विशिष्ट स्थापत्य कला और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं के लिए विशिष्ट पहचान रखता है। डीग महोत्सव जैसे आयोजन इस विरासत को व्यापक पहचान दिलाने के साथ पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे आयोजनों से स्थानीय लोक कला और सांस्कृतिक परंपराओं को भी प्रोत्साहन मिलता है।
महोत्सव के तहत शहर के मेला मैदान में दमखम-कबड्डी, मूंछ प्रतियोगिता, रस्साकशी और राधा-कृष्ण पोशाक प्रतियोगिता सहित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनके माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी कला और कौशल प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
महोत्सव में ऐतिहासिक डीग महल में आयोजित होने वाला ‘डीग के रंग’ कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र रहेगा। इसके तहत रंगीन फव्वारों के माध्यम से महल की सुंदरता को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत किया जाएगा। वहीं, ‘जगमग डीग’ कार्यक्रम के अंतर्गत दीपदान का आयोजन होगा, जिससे ऐतिहासिक नगरी रोशनी से जगमगाएगी।
महोत्सव की सांस्कृतिक संध्या में राजस्थान के लोक कलाकार संगीत, पारंपरिक नृत्य और रंगारंग प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। इस आयोजन का उद्देश्य डीग की ऐतिहासिक धरोहर को पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान दिलाने के साथ स्थानीय कला, संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा देना है।

