2 मई । फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड 2026 की विजेता साध्वी सैल हाल ही में गोवा पहुंचीं, जहां उनके परिवार और करीबी लोगों ने भव्य तरीके से स्वागत किया।
इस दौरान साध्वी ने कई मुद्दों पर बात की और लोगों से उत्तर कर्नाटक के कारवार और गोवा के बीच भेदभाव न करने की अपील की। उनका कहना है कि वे खुद अब पूरे भारत देश का प्रतिनिधित्व करती हैं, ऐसे में उन्हें सबके समर्थन की जरूरत है।
अपनी शुरुआती जर्नी पर बात करते हुए साध्वी सैल ने बताया कि बचपन से ही उन्हें फोटोग्राफी का शौक था और यह शौक भी उन्हें उनके पिता से मिला। साध्वी ने कहा, “मैं घर की पहली बच्ची हूं, तो मेरे पिता हर मूमेंट को कैमरे में कैद करते थे और उनके पास एक छोटा सा कैमरा था। उन्हें देखकर ही मुझे फोटोग्राफी का शौक हुआ और फिर मुझे लगा कि जितनी अच्छी मैं कैमरे के पीछे हूं, उतनी लेंस के आगे भी हो सकती हूं। फिर अपने दोस्तों की मदद से मॉडल हंट में भाग लिया और जीती। यहीं से मेरी जर्नी की शुरुआत हुई।
शुरुआती जर्नी के संघर्षों पर बात करते हुए साध्वी ने कहा कि उन्होंने जिंदगी में उतना कुछ नहीं झेला है, जो उनके माता-पिता और नाना-नानी ने झेला है। उनके संघर्ष की वजह से ही वो इतनी जल्दी इस मंच तक पहुंच पाई है। उन्होंने कहा, मेरी प्रेरणा हमेशा मेरी नानी रही, जिनके संघर्ष की कहानी सुनकर ही मैंने एक मजबूत महिला बनने का फैसला लिया था, जो दूसरी महिलाओं की भी मदद कर सके। मैं काफी प्रिविलेज रही हूं लेकिन माता-पिता ने जो संघर्ष झेला है, उतना मैंने नहीं झेला। हालांकि मुझे अपने बढ़ते वजन की वजह से आत्मविश्वास की कमी थी लेकिन धीरे-धीरे मैंने खुद को संभाला।
साध्वी सैल ने फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड 2026 जीतने का श्रेय भी अपने माता-पिता और नाना-नानी को दिया है, क्योंकि वे हमेशा से उनकी प्रेरणा रहे हैं और उनकी जिंदगी से उन्होंने काफी कुछ सीखा है। उन्होंने बताया कि उनका बचपन गोवा में ही बीता और गोवा में वे अपने पिता के साथ पिकनिक के लिए जाया करती थीं, लेकिन कारवार शिफ्ट होने के बाद यह चीजें कम हो गईं क्योंकि सबके पास अपनी-अपनी जिम्मेदारी थी।
फिल्मों में काम करने के सवाल पर साध्वी का कहना है कि उन्हें अभी काफी चीजें सीखनी है क्योंकि एक्टिंग एक स्किल है, जिसे सीखने में समय लगता है, ऐसे में अगर मुझे सामने से सही समय पर सही मौका मिलता है तो मैं जरूर करूंगी।

