N1Live National गुजरात: संदिग्ध जेईएम मॉड्यूल मामले में पांच और गिरफ्तार
National

गुजरात: संदिग्ध जेईएम मॉड्यूल मामले में पांच और गिरफ्तार

Gujarat: Five more arrested in suspected JeM module case.

17 जुलाई । गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) से जुड़े एक कथित मॉड्यूल की जांच के सिलसिले में पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन गिरफ्तारियों के साथ ही इस महीने की शुरुआत में हुई आठ गिरफ्तारियों के बाद मामले की जांच का दायरा और बढ़ गया है।

एटीएस ने बताया कि ये नई गिरफ्तारियां पहले पकड़े गए आरोपियों से पुलिस रिमांड के दौरान हुई पूछताछ और मिले सबूतों के आधार पर की गई हैं।

एटीएस के मुताबिक, हाल ही में गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपी पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) से जुड़े थे। एजेंसी का दावा है कि वे पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों के साथ मिलकर विस्फोटक उपकरणों का परीक्षण करने में शामिल थे।

हाल ही में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में बिलाल आबिद शेरा, मोहम्मद अय्यूब कदीवाल उर्फ मोहम्मद खदियासन, मोहम्मद शफी मुखी उर्फ शफी चापी, मोहम्मद हसन करादिया उर्फ हसन हैदरपुरी और मोहम्मद अय्यूब सुनासरा उर्फ मोहम्मद खली शामिल हैं।

एक अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, “दो दिन पहले एटीएस ने इस मामले में कई लोगों से पूछताछ की थी। गिरफ्तार किए गए ये पांचों आरोपी भी उन्हीं में शामिल थे। ये सभी राज्य के अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं।”

जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, जब्त की गई सामग्री, फोरेंसिक जांच के नतीजों और आरोपियों पर लगे आरोपों से जुड़ी अधिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

हाल की ये गिरफ्तारियां 3 जुलाई को शुरू किए गए अभियान का ही हिस्सा हैं। उस दौरान एटीएस ने जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) से कथित संबंध होने के आरोप में आठ लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें सात आरोपी गुजरात और एक मध्य प्रदेश का रहने वाला था।

एटीएस का आरोप है कि आरोपी गुजरात में प्रतिबंधित संगठन का सक्रिय नेटवर्क तैयार करने, नए लोगों को संगठन से जोड़ने, उसकी विचारधारा का प्रचार करने और पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों के संपर्क में रहने की कोशिश कर रहे थे।

एटीएस ने इस मामले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।

जांच के शुरुआती चरण में एटीएस ने बताया था कि उसने 254 तरह की सामग्री जब्त की है। इनमें जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के झंडे और संगठन से जुड़ी बताई जा रही डिजिटल सामग्री शामिल है। जांच एजेंसी का यह भी आरोप है कि कुछ आरोपियों ने संगठन की विचारधारा फैलाने के लिए जेईएम के साहित्य का गुजराती भाषा में अनुवाद किया था।

अधिकारियों का दावा है कि आरोपी पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों के निर्देश पर काम कर रहे थे। उनका उद्देश्य गुजरात में प्रतिबंधित संगठन के लिए एक सहयोगी नेटवर्क तैयार करना था।

जांच अभी जारी है। एटीएस का कहना है कि इस मॉड्यूल की गतिविधियों, इसके संपर्कों और इसकी कथित योजनाओं की गहराई से जांच की जा रही है।

Exit mobile version