गुजरात के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जीतूभाई वाघानी ने आज कहा कि रासायनिक उर्वरकों से मिट्टी की सेहत खराब हो रही है और मिट्टी की उर्वरता और उपज की गुणवत्ता में सुधार का एकमात्र तरीका प्राकृतिक खेती ही है। वे गुजरात से आए एक प्रतिनिधिमंडल के साथ गुरुकुल कुरुक्षेत्र के प्राकृतिक कृषि फार्मों का दौरा करने के लिए यहां आए थे।
2022 में, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भी गुरुकुल द्वारा अपनाए गए प्राकृतिक कृषि मॉडल के बारे में जानने के लिए खेतों का दौरा किया था। मीडिया से बात करते हुए वाघानी ने कहा, “गुरुकुल के कृषि फार्म में की जा रही प्राकृतिक खेती किसी चमत्कार से कम नहीं है। फसलों की खेती बिना किसी रासायनिक उर्वरक के की जा रही है। गुजरात सरकार किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करने के मिशन पर है। गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत के प्रयासों से देश भर में लाखों किसान विषमुक्त प्राकृतिक खेती अपना रहे हैं और देश को स्वस्थ और समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।”
उन्होंने कहा, “उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग के कारण हमारी जमीनें बंजर होती जा रही हैं, और इसका लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है।” कुरुक्षेत्र में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाने वाले देवव्रत ने कहा कि देशभर में बड़ी संख्या में किसान प्राकृतिक खेती के अभियान में शामिल हो रहे हैं। अकेले गुजरात में ही लगभग 8 लाख किसान प्राकृतिक खेती कर रहे हैं।


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