गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान के 160 से अधिक राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) कैडेट्स ने गांधीनगर स्थित राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी में साइबर सुरक्षा का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। इसका उद्देश्य युवाओं में साइबर जागरूकता बढ़ाना और डिजिटल सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करना है।
12 दिवसीय ‘साइबर डिफेंडर कोर्स’ (सीडीसी) का आयोजन 18 से 29 जून तक किया जा रहा है। यह कार्यक्रम एनसीसी गुजरात निदेशालय और नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (एनआईईएलआईटी) के सहयोग से आयोजित किया गया है। इस कार्यक्रम में सीनियर डिवीजन (एसडी) और सीनियर विंग (एसडब्ल्यू) के कैडेट्स हिस्सा ले रहे हैं। उन्हें एनआईईएलआईटी के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों और फैकल्टी सदस्यों द्वारा 60 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
यह कोर्स एनसीसी गुजरात निदेशालय के अतिरिक्त महानिदेशक मेजर जनरल बिमल मोंगा के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य कैडेट्स को साइबर खतरों की पहचान करने और उनसे निपटने के लिए व्यावहारिक ज्ञान और कौशल प्रदान करना है। साथ ही उन्हें डिजिटल दुनिया में जिम्मेदार व्यवहार अपनाने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान साइबर सुरक्षा की बुनियादी जानकारी, लिनक्स के मूल सिद्धांत, सीआईए ट्रायड, एथिकल हैकिंग और पेनेट्रेशन टेस्टिंग, साइबर कानून और शिकायत तंत्र, मोबाइल एवं स्मार्टफोन सुरक्षा, साइबर धोखाधड़ी से बचाव, डिजिटल बैंकिंग सुरक्षा तथा लाइव साइबर सिमुलेशन अभ्यास जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार, इस कार्यक्रम को ऐसे जागरूक नागरिक तैयार करने के उद्देश्य से बनाया गया है जो डिजिटल जोखिमों को पहचान सकें और साइबर दुनिया में सुरक्षित एवं नैतिक व्यवहार को बढ़ावा दे सकें। तकनीकी प्रशिक्षण के साथ-साथ कैडेट्स को साइबर नैतिकता और देश की डिजिटल संपत्तियों की सुरक्षा से जुड़े विषयों की भी जानकारी दी जा रही है।
कार्यक्रम का उद्घाटन गुजरात की प्राथमिक, माध्यमिक और प्रौढ़ शिक्षा राज्य मंत्री रीवाबा जडेजा ने किया। राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए स्थान, शैक्षणिक ढांचा, प्रशिक्षण सुविधाएं और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई हैं। विश्वविद्यालय के कुलपति बिमल पटेल इस पहल की निगरानी कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य सुरक्षा शिक्षा और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देना है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के संचालन और व्यवस्थाओं में लेफ्टिनेंट रुचिका सिंगला, सीटीओ यश शर्मा और अन्य अधिकारी सहयोग कर रहे हैं। आयोजकों का कहना है कि डिजिटल सेवाओं और ऑनलाइन प्रणालियों के बढ़ते उपयोग को देखते हुए युवाओं में साइबर सुरक्षा जागरूकता और तैयारी बढ़ाने के लिए यह एक महत्वपूर्ण पहल है।

