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गुजरात: पुलिस ने एक माह तक चलने वाला हेलमेट अभियान शुरू किया, सरकारी दफ्तरों में जांच को पुलिस तैनात

Gujarat: Police launch month-long helmet drive, deploy police in government offices for inspections

1 मई । गुजरात में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और ट्रैफिक कानूनों का पालन बेहतर बनाने के लिए एक महीने का लंबा राज्यव्यापी अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत, सरकारी दफ्तरों में हेलमेट नियमों को लागू करना शुरू कर दिया गया है।

एक मई से 31 मई तक ‘हेलमेट एनफोर्समेंट स्पेशल ड्राइव’ अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान की शुरुआती जिम्मेदारी सरकारी कर्मचारियों पर डाली गई है। नियम का पालन किया जा रहा है कि नहीं यह सुनिश्चित करने के लिए सरकारी दफ्तरों के दरवाजों पर ट्रैफिक पुलिस तैनात की गई है।

बता दें कि बिना हेलमेट के आने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसे अधिकारी ‘अंदर से शुरू होने वाला’ एनफोर्समेंट बता रहे हैं। गुरुवार को जारी एक सर्कुलर के मुताबिक, मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 129 के तहत, दोपहिया वाहन चलाने वाले और पीछे बैठने वाले, दोनों के लिए हेलमेट पहनना जरूरी है।

निर्देश में कहा गया है कि नियमों का सख्ती से पालन करवाया जाएगा, और नियम तोड़ने वालों पर मौके पर ही जुर्माना लगाया जाएगा। यह अभियान सभी जिलों में चलाया जा रहा है, जहां पुलिस को दोपहिया वाहन चलाने वालों की दिन-रात जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।

इस निर्देश में पुलिस कमिश्नरों और रेंज प्रमुखों से यह भी कहा गया है कि वे रोज सुबह 8 बजे तक राज्य मुख्यालय को अपनी रिपोर्ट भेजें। इस रिपोर्ट में आम जनता और सरकारी कर्मचारियों, दोनों में से कितने लोगों ने नियम तोड़े, इसकी पूरी जानकारी होनी चाहिए।

यह कदम पिछले साल उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री हर्ष संघवी की अध्यक्षता में हुई एक समीक्षा बैठक के बाद उठाया गया है। उस बैठक में हेलमेट के नियमों को सख्ती से लागू करने के सूरत मॉडल की काफी तारीफ हुई थी। अधिकारियों ने तय किया है कि वे इस तरीके को अहमदाबाद, राजकोट और वडोदरा जैसे बड़े शहरों के साथ-साथ छोटे जिलों में भी लागू करेंगे।

अधिकारियों ने बताया कि सरकारी दफ्तरों के दरवाजों पर ट्रैफिक पुलिस तैनात करने का मकसद सरकारी कर्मचारियों की लापरवाही को रोकना है। उम्मीद की जाती है कि सरकारी कर्मचारी कानून का पालन करके दूसरों के लिए एक मिसाल कायम करेंगे।

सर्कुलर में इस बात पर जोर दिया गया है कि नियमों का पालन न करने पर किसी के साथ भी कोई नरमी नहीं बरती जाएगी, चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हो। पुलिस ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि इस अभियान के दौरान जो भी व्यक्ति नियम तोड़ता हुआ पाया जाएगा, उस पर तुरंत जुर्माना लगाया जाएगा।

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