9 फरवरी 2026| हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एचसीसीआई) की यमुनानगर शाखा ने एसआईडीबीआई डीआईए (उद्योग संघों का विकास) और बीएसई लिमिटेड के सहयोग से यमुनानगर में “एसएमई आईपीओ, एमएसएमई निर्यात और एसआईडीबीआई योजनाओं” पर एक जागरूकता सत्र का आयोजन किया।
कार्यक्रम का संचालन एचसीसीआई यमुनानगर के महासचिव सुमीत गुप्ता ने किया, जिन्होंने सभी गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया, संगोष्ठी के उद्देश्यों की रूपरेखा प्रस्तुत की और वक्ताओं का परिचय दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता एचसीसीआई यमुनानगर के अध्यक्ष राजेश सोंधी ने की। अपने अध्यक्षीय भाषण में राजेश सोंधी ने कहा कि यमुनानगर का औद्योगिक आधार मजबूत है और ऐसे जागरूकता कार्यक्रम स्थानीय उद्योगों को नई दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने जोर दिया कि राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए लघु एवं मध्यम उद्यमों को आधुनिक वित्तीय साधनों को अपनाना चाहिए, निर्यात के अवसरों का लाभ उठाना चाहिए और डिजिटल प्रक्रियाओं को अपनाना चाहिए।
एचसीसीआई हरियाणा के राज्य महासचिव राज चावला ने कहा कि एचसीसीआई राज्य भर में उद्योगों को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के जागरूकता सत्र उद्यमियों को नया ज्ञान, अवसर और दिशा प्रदान करते हैं, जिससे क्षेत्र के समग्र आर्थिक विकास में योगदान मिलता है।
एमएसएमई के संयुक्त निदेशक वीपी सिंह ने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और सरकार इस क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए लगातार नई योजनाएं ला रही है। उन्होंने उद्यमियों से उपलब्ध योजनाओं का पूरा लाभ उठाने और अपने व्यवसायों को औपचारिक अर्थव्यवस्था में एकीकृत करने का आग्रह किया।
एसआईडीबीआई की ओर से संदीप सिंह, एजीएम (करनाल) और आलोक कुमार, एजीएम (यमुनानगर) ने संयुक्त रूप से कहा कि एसआईडीबीआई लघु एवं मध्यम उद्यमों को सुगम और सुव्यवस्थित वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। उन्होंने बेहतर ऋण सुविधाएं प्राप्त करने के लिए उचित दस्तावेज़ीकरण, सुदृढ़ व्यावसायिक योजना और पारदर्शी वित्तीय अभिलेखों के महत्व पर बल दिया। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि एसआईडीबीआई स्थानीय उद्योगों के सहयोग से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना जारी रखेगी।
बीएसई लिमिटेड के एवीपी सुमित सक्सेना ने एसएमई आईपीओ के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए इसे एमएसएमई के लिए पूंजी जुटाने का एक शक्तिशाली माध्यम बताया। उन्होंने समझाया कि लिस्टिंग से न केवल कंपनियों को धन प्राप्त करने में मदद मिलती है, बल्कि उनकी विश्वसनीयता भी बढ़ती है और बाजार तक उनकी पहुंच का विस्तार होता है।
वॉलमार्ट वृद्धि के तरुण गौतम ने बताया कि भारतीय व्यवसाय वॉलमार्ट वृद्धि के साथ सहयोग करके अपने परिचालन को कैसे बढ़ा सकते हैं और निर्यात का विस्तार कर सकते हैं। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि वॉलमार्ट वृद्धि लघु एवं मध्यम उद्यमों को नए अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों और निर्यात अवसरों की पहचान करने में सहायता करती है।


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