विधानसभा के विशेष सत्र के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विपक्ष पर हमला बोला और सत्र की कार्यवाही को संवैधानिक और जनहित में बताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने विशेष सत्र को असंवैधानिक बताया है, जो निराधार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सत्र मंत्रिमंडल की स्वीकृति और राज्यपाल की अनुमति से बुलाया गया था।
आचार संहिता लागू होने के बावजूद सत्र बुलाने को लेकर उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक विधायी मामला है और इसमें कुछ भी असंवैधानिक नहीं है। विज्ञापनउन्होंने बताया कि हरियाणा लिपिक सेवा (भर्ती एवं सेवा शर्तें) विधेयक, 2026 पर चर्चा हुई और इसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।
उन्होंने बताया कि विपक्ष ने खरीद संबंधी मुद्दों को लेकर स्थगन प्रस्ताव पेश किया था, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया था। हालांकि, विपक्ष स्वयं सदन में उपस्थित नहीं हुआ। इसके अलावा, नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर भी एक प्रस्ताव लाया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रस्ताव में “निंदा” जैसे शब्दों का कोई उल्लेख नहीं था, फिर भी विपक्ष ने सदन का बहिष्कार किया।
कांग्रेस को निशाना बनाते हुए उन्होंने कहा कि उसके विधायकों ने नियमों के विरुद्ध विधानसभा के बाहर दोहरा सत्र चलाया। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला सशक्तिकरण के प्रति कांग्रेस का रवैया सकारात्मक नहीं दिखता। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता भूपिंदर हुड्डा ने इस बहाने सत्र का बहिष्कार किया कि विधेयक की प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई थी, जबकि सभी जानकारी नेवा पोर्टल पर उपलब्ध थी।

