चंडीगढ़, 1 अप्रैल, 2025 – हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को राज्य में सभी क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का कार्य 15 जून तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
यह सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाना चाहिए कि निविदा और अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं 15 दिनों के भीतर पूरी हो जाएं, ताकि आगामी मानसून सीजन से पहले उच्च गुणवत्ता वाली सड़क मरम्मत हो सके।
मुख्यमंत्री ने यह निर्देश आज यहां हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा भी उपस्थित थे।
सड़कों की स्थिति पर असंतोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आम जनता को राहत प्रदान करने के लिए 15 दिनों के भीतर सड़कों की पहचान कर मरम्मत कार्य शुरू करें।
उन्होंने निर्देश दिए कि पांच जिलों में जिला परिषदों को हस्तांतरित सड़कों की भी निर्धारित समय सीमा के भीतर मरम्मत की जानी चाहिए तथा सख्त गुणवत्ता मानकों को सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सड़क मरम्मत में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि विधानसभा बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की थी कि हरियाणा में छह माह के भीतर सभी सडक़ों का नवीनीकरण किया जाएगा तथा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि राज्य में कोई भी सडक़ खस्ता हालत में न रहे।
मुख्यमंत्री ने सड़क चौड़ीकरण परियोजनाओं में तेजी लाने का भी आह्वान किया। उन्होंने अधिकारियों को बढ़ते यातायात को देखते हुए हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड द्वारा बनाए गए सड़कों की चौड़ाई 12 फीट से बढ़ाकर 18 फीट करने की दिशा में काम करने का निर्देश दिया।
इसके अलावा, उन्होंने सभी मंडियों के अंदर सड़कों की उचित मरम्मत और रखरखाव की आवश्यकता पर बल दिया ताकि किसानों को अपनी उपज लाने के लिए सुचारू आवागमन की सुविधा मिल सके।
बैठक के दौरान बताया गया कि हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड द्वारा अनुरक्षित 4,313 सड़कों में से 465 सड़कें 18 फीट चौड़ी हैं। 34 और सड़कों को चौड़ा करने का काम प्रगति पर है, जबकि 118 किलोमीटर लंबी 35 अतिरिक्त सड़कों के लिए निविदा प्रक्रिया चल रही है।
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी प्रतिबद्धताओं का समय पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विकास परियोजनाओं के सुचारू क्रियान्वयन के लिए सभी विभागों से निकट समन्वय के साथ काम करने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने बजट में की गई घोषणाओं के संबंध में निर्देश देते हुए कहा कि संबंधित विभाग योजनाएं बनाकर निर्धारित समय-सीमा में तीव्र गति से कार्य करें तथा सभी योजनाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन धरातल पर सुनिश्चित करें, ताकि अधिक से अधिक जन-लाभ हो सके।
समीक्षा के दौरान उन्होंने पिंजौर में सेब मंडी, गुरुग्राम में बनने वाली फूल मंडी, गन्नौर में भारत अंतर्राष्ट्रीय बागवानी मंडी तथा अटल किसान मजदूर कैंटीन सहित प्रमुख परियोजनाओं के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए।
बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजा शेखर वुंडरू, विकास एवं पंचायत विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के मुख्य प्रशासक श्री मुकेश कुमार आहूजा, कृषि निदेशक श्री राज नारायण कौशिक, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के निदेशक श्री राजेश जोगपाल, हैफेड के प्रबंध निदेशक श्री मुकुल कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।