हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि राज्य सरकार आम जनता के लिए सस्ती और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “इसी उद्देश्य से हरियाणा में दवाओं की कीमतों पर कड़ी निगरानी रखी जाती है ताकि किसी भी स्तर पर अधिक कीमत वसूलने पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाया जा सके।”
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) के दिशानिर्देशों के तहत, खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) विभाग के अंतर्गत मूल्य निगरानी एवं संसाधन इकाई (पीएमआरयू) हरियाणा में सक्रिय रूप से कार्यरत है। यह इकाई सुनिश्चित कर रही है कि नागरिकों को दवाएं केवल सरकार द्वारा निर्धारित दरों पर ही उपलब्ध हों।”
उन्होंने कहा, “हरियाणा सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जीवन रक्षक दवाएं प्रत्येक नागरिक को उचित और विनियमित कीमतों पर उपलब्ध हों। ये सभी उपाय हरियाणा के निवासियों के स्वास्थ्य और कल्याण को ध्यान में रखते हुए किए जा रहे हैं।”
खाद्य एवं औषधि प्रशासन आयुक्त मनोज कुमार ने बताया कि वर्ष 2025 के दौरान हरियाणा में दवाओं की अधिक कीमत वसूलने के 33 मामले सामने आए, जिन्हें आवश्यक कार्रवाई के लिए नई दिल्ली स्थित एनपीपीए को भेजा गया। उन्होंने कहा, “यह राज्य सरकार की सख्त और पारदर्शी नीति को दर्शाता है, जिसके तहत जन स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।”
उन्होंने आगे बताया कि दिसंबर 2025 में, हरियाणा पीएमआरयू ने तीन दवाओं में औषधि मूल्य नियंत्रण आदेश (डीपीसीओ) के उल्लंघन का पता लगाया, जिनमें पैकेटों पर छपा एमआरपी निर्धारित दर से अधिक पाया गया। उन्होंने कहा कि इन मामलों में संबंधित कंपनियों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
कुमार ने कहा कि प्रवर्तन के साथ-साथ सरकार जन जागरूकता पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 के दौरान राज्य के विभिन्न जिलों में 13 सूचना, शिक्षा और संचार (आईईसी) कार्यक्रम आयोजित किए गए। दिसंबर में, पीएमआरयू के औषधि नियंत्रण अधिकारियों और फील्ड जांचकर्ताओं द्वारा कैथल, यमुनानगर और सिरसा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से दवा विक्रेताओं और आम जनता को दवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने, कोल्ड चेन प्रबंधन, उचित रिकॉर्ड रखने और दवा दुकानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के बारे में जागरूक किया गया।
आयुक्त ने आम जनता से सतर्क रहने और दवाओं की सही कीमतों की जांच करने के लिए “फार्मा सही दाम” मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा, “अधिक शुल्क वसूलने के मामले में, शिकायतें सीधे सरकार को भेजी जा सकती हैं। नागरिक हरियाणा पीएमआरयू के टोल-फ्री नंबर 1800-180-2413 पर भी अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं।”
हरियाणा राज्य के औषधि नियंत्रक-सह-सदस्य सचिव, पीएमआरयू, एफडीए, ललित कुमार गोयल ने कहा, “मूल्य निगरानी एवं संसाधन इकाई राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधीन कार्यरत है। इस इकाई की शासी समिति की अध्यक्षता स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव करते हैं, जबकि कार्यकारी समिति की अध्यक्षता हरियाणा एफडीए के आयुक्त मनोज कुमार करते हैं।”


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