जगाधरी की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. सुखदा प्रीतम ने एक महिला को अपनी तीन वर्षीय बेटी की हत्या के आरोप में कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
यमुनानगर के कुलदीप नगर निवासी 36 वर्षीय मनिंदर कौर उर्फ सिमी पर 25,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। आरोपी के पति कुलविंदर सिंह की शिकायत पर 10 अगस्त, 2022 को उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 302 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
उसने पुलिस को बताया कि उसकी शादी 2012 में कुलविंदर सिंह से हुई थी और उनके आठ साल का बेटा और तीन साल की बेटी है। उसने पुलिस को बताया, “मेरे पति गुरुग्राम की एक निजी कंपनी में काम करते हैं और महीने में कुछ ही बार घर आते हैं। 2007-2008 में कॉलेज के दिनों में मेरी अंबाला के एक लड़के से दोस्ती हो गई और हमारी दोस्ती बाद में रिश्ते में बदल गई। शादी के बाद भी हमारा संपर्क बना रहा।”
उसने बताया कि उसके पति को इस बात का पता चल गया था और इसी वजह से उनके बीच अक्सर झगड़े होने लगे। उसने कहा कि वह दूसरे आदमी के साथ आज़ादी से रहना चाहती थी, इसलिए उन्होंने (उसने और उसकी सहेली ने) बच्चों को मारने का फैसला किया। पुलिस ने बताया कि वह बच्चों को लेकर घर से अमृतसर चली गई, जहां उसने एक होटल के कमरे में दुपट्टे से अपनी बेटी का गला घोंट दिया और शव को एक गुरुद्वारे के बाहर छोड़ दिया।

