August 10, 2026
National

सूरत में रेजिडेंट डॉक्टर की आत्महत्या मामले में स्वास्थ्य मंत्री ने दिए 24 घंटे में जांच रिपोर्ट देने के निर्देश

Health Minister orders submission of inquiry report within 24 hours in the case of a resident doctor’s suicide in Surat.

गुजरात के सूरत स्थित सिविल अस्पताल परिसर में एक रेजिडेंट डॉक्टर की आत्महत्या के मामले के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। घटना को गंभीरता से लेते हुए गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने सख्त जांच के आदेश दिए हैं। मंत्री के निर्देश पर मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है और 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है।

जानकारी के मुताबिक, डॉक्टर की पहचान डॉ. हर्ष पंड्या के रूप में हुई है। वह मूल रूप से अरावली जिले के मोडासा के रहने वाले थे और सूरत सिविल अस्पताल परिसर में स्थित लड़कों के पीजी हॉस्टल के कमरा नंबर 1005 में रह रहे थे। पुलिस के अनुसार, उन्होंने हॉस्टल के कमरे में आत्महत्या की। घटना की सूचना मिलने के बाद खातोदरा पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।

घटना के बाद पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि आखिर किन परिस्थितियों के चलते रेजिडेंट डॉक्टर ने यह कदम उठाया। पुलिस हॉस्टल में मौजूद अन्य छात्रों से भी जानकारी जुटा रही है। स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नए सिविल अस्पताल के सुपरिटेंडेंट और डीन की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने डॉक्टर के पिता से सीधे फोन पर बात की और उन्हें ढांढस बंधाते हुए निष्पक्ष जांच तथा न्याय का भरोसा दिलाया।

मंत्री के निर्देश के मुताबिक जांच कमेटी को 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपनी होगी। पूरी जांच की डायरेक्ट मॉनिटरिंग गांधीनगर के डायरेक्टर सचदेव श्री को सौंपी गई है। हॉस्टल में मौजूद सभी छात्रों के बयान सोमवार रात ही दर्ज किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

जांच के दौरान विशेष तौर पर यह पता लगाया जाएगा कि रेजिडेंट डॉक्टर के साथ किसी तरह की रैगिंग की घटना तो नहीं हुई थी। इसके अलावा उन्हें किसी तरह मानसिक रूप से परेशान या प्रताड़ित किए जाने की शिकायत थी या नहीं, इसकी भी पड़ताल की जाएगी। जांच कमेटी के सदस्यों को निर्देश दिया गया है कि रात में जांच पूरी करने के बाद ही वे घर जाएं, ताकि मामले से जुड़े तथ्यों को जल्द से जल्द सामने लाया जा सके।

वहीं, डॉक्टर का फोरेंसिक पोस्टमार्टम पैनल के जरिए कराया गया है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।

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