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सलमान खान की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई, फिल्म निर्माता अमित जानी बोले-“तैयारी को नहीं मिला पूरा समय”

Hearing in Delhi High Court on Salman Khan's plea; filmmaker Amit Jani says, "Did not get enough time to prepare."

अभिनेता सलमान खान द्वारा फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लिगेसी’ के प्रमोशन और रिलीज पर रोक लगाने की मांग को लेकर दायर याचिका पर बुधवार को दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई है। सुनवाई से पहले फिल्म के निर्माता अमित जानी ने सलमान खान की याचिका का विरोध करते हुए कई गंभीर आरोप लगाए और अपने पक्ष में कानूनी व तथ्यात्मक दलीलें पेश कीं।

फिल्म के निर्माता अमित जानी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए दावा किया कि पिछली सुनवाई के दौरान सलमान खान के वकील ने फिल्म पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की थी, लेकिन अदालत ने पहले दूसरे पक्ष को सुनने की बात कही। उन्हें याचिका की प्रति समय पर उपलब्ध नहीं कराई गई। उनके अनुसार, सुनवाई 19 तारीख को निर्धारित थी, जबकि याचिका की कॉपी उन्हें केवल दो दिन पहले ईमेल के माध्यम से भेजी गई, जिससे उन्हें तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला।

निर्माता ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिस व्हाट्सएप नंबर से उन्हें याचिका भेजी गई थी, उसी नंबर से उन्हें शहजाद भट्टी नामक व्यक्ति का फोन आया। अमित जानी का दावा है कि यह व्यक्ति पाकिस्तान में रहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कॉल करने वाले ने सलमान खान के साथ समझौता करने और बैठक कराने का दबाव बनाया।

जानी के मुताबिक, उन्हें फिल्म में लगाए गए निवेश का मुआवजा देने की पेशकश भी की गई और इनकार करने पर उनके तथा उनके परिवार पर बम या ड्रोन से हमला कराने की धमकी दी गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

सलमान खान की याचिका पर प्रतिक्रिया देते हुए अमित जानी ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि अदालत केवल कानून और तथ्यों के आधार पर फैसला करेगी। अदालत में किसी व्यक्ति का स्टारडम या लोकप्रियता मायने नहीं रखती। पहले भी कई चर्चित मामलों में अदालत ने केवल कानूनी तथ्यों के आधार पर निर्णय दिए हैं।

फिल्म के जरिए सलमान खान के नाम का व्यावसायिक लाभ उठाने के आरोपों को भी अमित जानी ने खारिज किया। उनका कहना है कि उनकी फिल्म का मुख्य विषय बिश्नोई समुदाय का करीब दो दशकों का संघर्ष, वन्यजीव संरक्षण, प्रकृति के प्रति समर्पण और काले हिरण को लेकर समुदाय की आस्था है। उन्होंने कहा कि सलमान खान उनकी फिल्म के नायक नहीं हैं और फिल्म का उद्देश्य किसी अभिनेता की लोकप्रियता का लाभ उठाना नहीं, बल्कि एक सामाजिक और ऐतिहासिक विषय को प्रस्तुत करना है।

पर्सनैलिटी राइट्स के मुद्दे पर भी अमित जानी ने अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनकी फिल्म में अयान खान का किरदार निभाने वाले अभिनेता काशिफ इकबाल खान को सलमान खान जैसा दिखाने के लिए किसी प्रकार के प्रोस्थेटिक्स, विशेष मेकअप या तकनीक का उपयोग नहीं किया गया है। उनके अनुसार, यदि किसी को दोनों कलाकारों की शक्ल में समानता दिखाई देती है, तो यह स्वाभाविक समानता हो सकती है और इसे व्यक्तित्व अधिकारों का उल्लंघन नहीं माना जा सकता।

अमित जानी ने यह भी कहा कि फिल्मों की सामग्री की जांच और प्रमाणन का अधिकार केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के पास है। उनका तर्क है कि यदि किसी फिल्म के प्रदर्शन से पहले अदालतें उसकी सामग्री की समीक्षा करने लगें, तो यह एक तरह की “न्यायिक सेंसरशिप” होगी, जिससे फिल्म निर्माण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रभावित हो सकती है।

निर्माता ने यह भी दावा किया कि उन्हें शहजाद भट्टी, रोहित गोदारा और डी-कंपनी के नाम पर धमकी भरे फोन आ रहे हैं। इसके बावजूद उन्होंने कहा कि उनकी टीम फिल्म को निर्धारित योजना के अनुसार दुनिया भर में 7,000 से 8,000 स्क्रीन पर रिलीज करने की तैयारी कर रही है।

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