विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर ने गुरुवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर राज्य के नौकरशाही तंत्र में बढ़ते संकट को लेकर मूकदर्शक बने रहने का आरोप लगाया। बजट सत्र के समापन के बाद मीडिया से बात करते हुए ठाकुर ने कहा कि स्थिति “गंभीर और चिंताजनक” है, लेकिन मुख्यमंत्री ने इस पर पर्याप्त प्रतिक्रिया नहीं दी है।
उन्होंने सुखु द्वारा इस मुद्दे को महज नौकरशाहों के बीच आंतरिक कलह बताकर खारिज करने की आलोचना की और इस प्रतिक्रिया को “हास्यास्पद” तथा जवाबदेही से रहित बताया। ठाकुर ने कहा कि विपक्ष ने विधानसभा में इस मुद्दे को बार-बार उठाया, लेकिन सरकार ने चुप्पी साधे रखी।
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि जिन अधिकारियों के खिलाफ शिकायतें थीं, उन्हें जांच का सामना करने के बजाय महत्वपूर्ण पदों से नवाजा गया। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री न केवल कार्रवाई से बच रहे हैं, बल्कि इस मुद्दे को स्वीकार करने को भी तैयार नहीं हैं।”
अपने कार्यकाल से तुलना करते हुए ठाकुर ने दावा किया कि उनकी सरकार ने संदिग्ध अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की थी, जबकि वर्तमान सरकार उन्हीं व्यक्तियों को बहाल कर रही है और उन्हें अधिक अधिकार दे रही है।

