शुक्रवार को कांगड़ा के नूरपुर पुलिस जिले के जवाली पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले धेवा गांव में एक 42 वर्षीय महिला और उसकी किशोर बेटी रहस्यमय परिस्थितियों में मृत पाई गईं, जबकि उसके नाबालिग बेटे को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मृतकों की पहचान आशा कार्यकर्ता और बुद्धि सिंह की पत्नी शकुंतला देवी और उनकी 15 वर्षीय बेटी प्रिया देवी के रूप में हुई है। उनके 14 वर्षीय बेटे गुग्लू का इलाज जवाली के सिविल अस्पताल में चल रहा है।
पुलिस के अनुसार, यह घटना शुक्रवार सुबह ग्राम पंचायत प्रधान रविंदर सिंह द्वारा जवाली पुलिस को सूचना देने के बाद सामने आई।
पुलिस अधीक्षक इल्मा अफरोज और डीएसपी जवाली बिरी सिंह तुरंत मौके पर पहुंचे और घर का मुआयना किया। नूरपुर स्थित फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की एक टीम ने भी घटनास्थल का मुआयना किया और परिस्थितिजन्य साक्ष्य एकत्र किए।
प्रारंभिक जांच में पता चला कि मां, बेटी और बेटे ने कथित तौर पर अपने कमरे में उल्टी की थी। तीनों गुरुवार रात एक ही कमरे में साथ सोए थे, जबकि दिहाड़ी मजदूर बुद्धि सिंह अपनी मां के साथ पास के घर में रह रहा था। शुक्रवार सुबह लड़के को गंभीर हालत में पाकर परिवार के सदस्य और ग्रामीण उसे सिविल अस्पताल ले गए।
एसपी इल्मा अफरोज ने बताया कि विस्तृत वैज्ञानिक जांच चल रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौतों का सही कारण पता चलेगा। उन्होंने कहा कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और पारिवारिक विवाद इस घटना के संभावित कारणों में से एक प्रतीत होता है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 194 के तहत कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
इन मौतों से गांव में मातम छा गया है। इस बीच, कांगड़ा जिला बाल कल्याण समिति ने मामले का संज्ञान लेते हुए जवाली पुलिस से स्थिति रिपोर्ट मांगी है और उसे निष्पक्ष और तटस्थ जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।


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