N1Live Himachal हिमाचल प्रदेश में भाजपा की बैठक: पहले दिन संगठनात्मक तैयारियों पर जोर; आज राजनीतिक प्रस्तावों पर चर्चा होने की उम्मीद है
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हिमाचल प्रदेश में भाजपा की बैठक: पहले दिन संगठनात्मक तैयारियों पर जोर; आज राजनीतिक प्रस्तावों पर चर्चा होने की उम्मीद है

Himachal Pradesh BJP meeting: Emphasis on organizational preparations on first day; political proposals expected to be discussed today

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दो दिवसीय महत्वपूर्ण राज्य कार्यकारिणी बैठक मंडी कस्बे के बाहरी इलाके में सोमवार से चल रही है। इसका उद्देश्य दिसंबर 2027 में हिमाचल प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी की संगठनात्मक संरचना को मजबूत करना और उसकी राजनीतिक रणनीति को और बेहतर बनाना है। आज की बैठक राज्य भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल के नेतृत्व में हुई और इसमें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और प्रमुख पदाधिकारियों ने भाग लिया।

पार्टी के प्रवक्ता ने बताया कि यह बैठक कई चरणों में आयोजित की जा रही है, जो संगठनात्मक विस्तार के लिए अपनाई गई सुनियोजित रणनीति को दर्शाती है। पहले चरण में औद्योगिक, व्यापारिक, परिवहन, अनुसंधान और बौद्धिक समुदायों जैसे विभिन्न पेशेवर और सामाजिक समूहों का प्रतिनिधित्व करने वाले 19 विशेष पार्टी प्रकोष्ठों के समन्वयकों के साथ चर्चा हुई। इस बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदाम सिंह, राज्य प्रभारी डॉ. श्रीकांत शर्मा, सह-प्रभारी संजय टंडन और विपक्ष के नेता तथा पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर सहित वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।

इस सत्र में हुई चर्चाओं का केंद्र बिंदु समाज के छोटे और अक्सर उपेक्षित वर्गों के बीच भाजपा की पहुंच बढ़ाना था। हालांकि पार्टी परंपरागत रूप से अपने सात प्रमुख संगठनों, जैसे युवा, महिला, किसान, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक संगठनों पर ध्यान केंद्रित करती है, लेकिन इस बैठक में विभिन्न मतदाता समूहों में पैठ बढ़ाने के लिए 19 प्रकोष्ठों का लाभ उठाने पर जोर दिया गया। नेताओं ने प्रत्येक वर्ग में पार्टी के जन आधार को व्यापक बनाने के लिए अनुकूलित रणनीतियों पर चर्चा की।

दूसरे चरण में पार्टी के मीडिया और संचार तंत्र पर ध्यान केंद्रित किया गया। इसमें राज्य स्तर पर प्रवक्ता, मीडिया प्रभारी और सोशल मीडिया एवं आईटी सेल समन्वयक प्रमुख प्रतिभागी थे। चर्चाओं का केंद्र बिंदु डिजिटल प्लेटफॉर्म, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से पार्टी के संदेश को प्रभावी बनाना था। जमीनी स्तर पर मीडिया की उपस्थिति को मजबूत करना और ब्लॉक स्तर तक एक सुदृढ़ आईटी एवं सोशल मीडिया संरचना सुनिश्चित करना प्रमुख प्राथमिकताएं थीं।

इस बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ और सांसद अनुराग ठाकुर समेत कई प्रमुख राष्ट्रीय नेता भी शामिल हैं। मंगलवार को होने वाली मुख्य कार्यकारी बैठक के एजेंडे को अंतिम रूप देने के लिए पार्टी पदाधिकारियों की बैठक हो रही है।

कल सुबह 10 बजे शुरू होने वाली मुख्य कार्यकारी बैठक में दो महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। पहला प्रस्ताव केंद्र सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालेगा, जबकि दूसरा प्रस्ताव हिमाचल प्रदेश की राजनीतिक स्थिति पर केंद्रित होगा और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खु के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार की कड़ी आलोचना करेगा।

भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार पर प्रवेश कर में वृद्धि और पेट्रोल और डीजल पर प्रस्तावित 5 रुपये प्रति लीटर उपकर सहित “जनविरोधी नीतियां” लागू करने का आरोप लगाया है।

पार्टी ने राज्य की वित्तीय स्थिति पर भी चिंता जताई और कथित कुप्रबंधन, बढ़ते कर्ज और लेखापरीक्षा रिपोर्टों में व्यय संबंधी अनियमितताओं का हवाला दिया। भाजपा नेताओं ने दावा किया कि सरकार की राजकोषीय नीतियों ने हिमाचल प्रदेश को आर्थिक संकट की ओर धकेल दिया है।

राज्य कार्यकारिणी की बैठक में राज्य सरकार के खिलाफ भविष्य के विरोध प्रदर्शनों और जन आंदोलनों के लिए एक रूपरेखा भी तैयार की जाएगी। कल कार्यकारिणी सत्र के समापन के बाद अंतिम रणनीतियों और निर्णयों को औपचारिक रूप से अपनाया और घोषित किए जाने की उम्मीद है, जिससे 2027 के विधानसभा चुनावों तक भाजपा के अभियान की दिशा तय होगी।

मीडिया को दिए एक बयान में डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश ने पिछले तीन वर्षों में केवल पीड़ा, कठिनाई और कुशासन ही देखा है। भाजपा की राज्य कार्यकारिणी ने राज्य में कांग्रेस सरकार को सत्ता से बेदखल करने के लिए जन आंदोलन शुरू करने का संकल्प लिया है।

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