भाजपा ने बुधवार को घोषणा की कि वह कांग्रेस के महिला विरोधी रुख के विरोध में गुरुवार को “जन आक्रोश पदयात्रा” का आयोजन करेगी।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक पर कांग्रेस के रुख ने उसकी “महिला विरोधी मानसिकता” को उजागर कर दिया है।
उन्होंने कहा, “हजारों महिलाएं कांग्रेस के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगी। यह महज एक विरोध प्रदर्शन नहीं होगा, बल्कि महिलाओं की गरिमा, अधिकारों और उचित प्रतिनिधित्व के लिए एक निर्णायक आंदोलन होगा।”
बिंदल ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर संसद में हुए घटनाक्रम ने कांग्रेस के रुख को उजागर कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया, “कांग्रेस ने दशकों तक महिला आरक्षण में देरी की और फिर जब इसे लागू करने का अवसर आया तो इसका विरोध किया। विधेयक के रद्द होने का जश्न मनाना पार्टी के इसी रवैये को दर्शाता है।”
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शासन में महिलाओं की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संसद का विशेष सत्र बुलाया था, लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने इस कदम का समर्थन करने में विफल रहे।
उन्होंने कहा, “मोदी सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है, वहीं कांग्रेस इन अधिकारों को नकारने का प्रयास कर रही है।” शहरी स्थानीय निकाय चुनावों की घोषणा का स्वागत करते हुए बिंदल ने इसे लोकतंत्र और न्यायिक जवाबदेही की जीत बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने चुनावों में देरी करने का प्रयास किया था।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पंचायती राज चुनाव की घोषणा भी जल्द ही की जाएगी और कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार की उन नीतियों का निर्णायक रूप से विरोध करेगी जिन्हें उन्होंने जनविरोधी नीतियां करार दिया।

