मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को भाजपा पर भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई), प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जैसी स्वतंत्र संस्थाओं का कथित रूप से राजनीतिक उपकरण के रूप में दुरुपयोग करके चुनावी जीत हासिल करने का आरोप लगाया।
यहां मीडियाकर्मियों से बात करते हुए सुखु ने दावा किया कि 2014 के बाद से देश की चुनावी राजनीति में एक बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि जहां पहले के वर्षों में चुनाव पोस्टर, बैनर और लाउडस्पीकर जैसे पारंपरिक प्रचार तरीकों से लड़े जाते थे, वहीं भाजपा ने संवैधानिक और जांच एजेंसियों का उपयोग करके चुनाव परिणामों को प्रभावित करके राजनीतिक परिदृश्य को बदल दिया है।
उन्होंने कहा, “2014 से पहले, लोकतंत्र में चुनाव जीतने के लिए स्वतंत्र एजेंसियों पर इस तरह का दबाव नहीं होता था। हालांकि प्यार और युद्ध में सब कुछ जायज माना जा सकता है, लेकिन भाजपा ने हदें पार कर दी हैं और ऐसे तौर-तरीके अपनाए हैं जो कांग्रेस ने चुनाव जीतने के लिए कभी नहीं अपनाए।”
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा ने कई राज्यों में राजनीतिक ध्रुवीकरण के जरिए चुनावी लाभ उठाया है। पश्चिम बंगाल के चुनावों का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने सत्ता विरोधी भावना और सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश की है।
उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) की विश्वसनीयता पर भी संदेह जताया और कहा कि इनकी प्रामाणिकता को लेकर सवाल अभी भी बने हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया, “कोई भी ईवीएम को हैक कर सकता है, यह एक सच्चाई है। यहां तक कि 2014 के लोकसभा चुनावों में भी हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के वोट शेयर वास्तविक चुनावी नतीजों को नहीं दर्शाते थे, जिससे गंभीर चिंताएं पैदा हुईं।”
सुखु ने कहा कि कुछ राज्यों में मिली हार के बावजूद, राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस भाजपा की प्रमुख प्रतिद्वंदी बनी हुई है। उन्होंने बताया कि पार्टी ने लगभग दो दशकों में पश्चिम बंगाल की सभी 294 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं और कहा कि कांग्रेस अगले पांच से सात वर्षों में वहां अपने संगठन का लगातार पुनर्निर्माण करेगी।
उन्होंने हिमाचल प्रदेश में अपने कार्यकाल के शेष 16 महीनों के भीतर सभी 10 चुनावी वादों को पूरा करने की अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि आदिवासी और पिछड़े क्षेत्रों की महिलाओं को पहले ही 1,500 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता दी जा चुकी है और तीसरे चरण में गरीब महिलाओं को भी इस योजना के तहत मुफ्त बिजली लाभ के साथ शामिल किया जाएगा।
वित्तीय बाधाओं को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए सुखु ने आरोप लगाया कि राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) रोककर बाधाएं पैदा करने का प्रयास किया गया। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार सभी वादों को चरणबद्ध तरीके से पूरा करेगी।
मुख्यमंत्री ने बढ़ती महंगाई, विशेष रूप से एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भारी वृद्धि को लेकर भाजपा की आलोचना करते हुए कहा कि इसका राजनीतिक प्रभाव आगामी शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में दिखाई देगा।

