हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां स्वास्थ्य विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य सरकार लोगों को समग्र लाभ सुनिश्चित करने के लिए राज्य की पहली पोषण नीति तैयार करेगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस), मध्याह्न भोजन योजना और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) सहित कई पोषण और खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम लागू कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि इन पहलों को देखते हुए, पोषण संबंधी प्रोफाइलिंग अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिससे लोगों में पोषक तत्वों, कैलोरी मान और खाद्य सुदृढ़ीकरण मानकों के बारे में जागरूकता पैदा करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा, “राज्य सरकार कंडाघाट प्रयोगशाला को सुदृढ़ करने के लिए 85 लाख रुपये उपलब्ध कराएगी, जबकि कांगड़ा जिले में खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित करने के लिए 25 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे।” मुख्यमंत्री ने इन प्रयोगशालाओं के कुशल संचालन के लिए पर्याप्त मानव संसाधन सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।
सुखु ने कहा कि नीति को अंतिम रूप देने से पहले, राज्य भर में पोषण और खाद्य परीक्षण से संबंधित बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। इस पहल के तहत, कंपोजिट टेस्टिंग लेबोरेटरी (सीटीएल), कंडाघाट का उन्नयन किया जाएगा और नई प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी।
पहले चरण में कांगड़ा जिले में एक नई प्रयोगशाला का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा, “आने वाले वर्षों में राज्य के अन्य हिस्सों में भी क्षेत्रीय परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। मंत्रिमंडल ने हाल ही में कांगड़ा, मंडी, शिमला और सोलन जिले के बद्दी में नई प्रयोगशालाओं की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।”

