हिमाचल प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धरमानी ने कहा कि ग्राम पंचायतों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सबसे जरूरतमंद और पात्र व्यक्तियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचे। वे आज बिलासपुर में नव निर्वाचित प्रधानों और उप-प्रधानों को पद की शपथ दिलाने के बाद उन्हें संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि यद्यपि सरकार ग्रामीण विकास और जन कल्याण के उद्देश्य से अनेक योजनाएँ शुरू करती है, लेकिन कार्यान्वयन में खामियों के कारण अक्सर उनका लाभ इच्छित लाभार्थियों तक समय पर नहीं पहुँच पाता। इस संदर्भ में उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इन खामियों को दूर करने में ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मंत्री जी ने कहा कि ग्रामीण स्तर पर योजनाओं के कार्यान्वयन के दौरान कई चुनौतियां उत्पन्न होती हैं और ग्राम पंचायतें इन चुनौतियों के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। मतदाताओं और जन प्रतिनिधियों के बीच मजबूत संबंध पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि पंचायत सदस्यों को मतदाताओं द्वारा उन पर जताए गए विश्वास, अपेक्षाओं और भरोसे का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि सभी निर्णयों में समाज के सबसे कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
धरमानी ने पंचायत प्रतिनिधियों से राजनीतिक द्वेष से ऊपर उठकर समाज के प्रति अपनी सामूहिक जिम्मेदारी निभाने और अपने गांवों के सबसे जरूरतमंद व्यक्तियों और परिवारों के हित में निष्पक्ष रूप से कार्य करने का आग्रह किया। उन्होंने गांवों के सतत विकास के लिए प्रयास करने का आह्वान किया, प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन के प्रति आगाह किया और आर्थिक रूप से सशक्त ग्राम पंचायतों के निर्माण की वकालत की।
उन्होंने पंचायतों को आय सृजन करने वाली गतिविधियों में धन निवेश करने की सलाह दी ताकि वे धीरे-धीरे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बन सकें। उन्होंने प्रतिनिधियों से आदर्श ग्राम पंचायतों और आदर्श गांवों के विकास की दृष्टि से कार्य करने का आग्रह किया।
विधायक रणधीर शर्मा, जीत राम कटवाल और त्रिलोक जम्वाल, सक्षम गुड़िया बोर्ड की उपाध्यक्ष अरुणा महाजन, एचआरटीसी के निदेशक संदीप सांख्यान, उपायुक्त राहुल कुमार, पुलिस अधीक्षक संदीप धवल, अतिरिक्त उपायुक्त ओम कांत ठाकुर और विभिन्न विभागों के अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

