हिमाचल प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धरमानी ने मंगलवार को बिलासपुर जिले के घुमारविन स्थित केंद्रीय विद्यालय में छात्रों से बातचीत करते हुए कहा कि विद्यालयों में शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ छात्रों के लिए समग्र शिक्षा का वातावरण विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि समग्र शिक्षा अंतःविषयक और पूछताछ-आधारित शिक्षण के माध्यम से आलोचनात्मक सोच, जिज्ञासा और समस्या-समाधान कौशल को बढ़ावा देती है और छात्रों में आत्म-जागरूकता, भावनात्मक बुद्धिमत्ता, लचीलापन और सचेतनता का विकास करती है।
धरमनी ने छात्रों को हर परिस्थिति में अच्छा प्रदर्शन करने और तनावमुक्त रहने, अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखने और सकारात्मक सोच विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत होने के साथ-साथ छात्रों को अच्छे आचरण और जीवन कौशल को अपने व्यक्तित्व में आत्मसात करना चाहिए ताकि वे जीवन की विभिन्न चुनौतियों का आत्मविश्वास से सामना कर सकें।
मंत्री जी ने छात्रों के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रोबोटिक्स और ड्रोन तकनीक सहित आधुनिक तकनीकी प्रगति पर एक संवादात्मक सत्र भी आयोजित किया। उन्होंने कहा कि आज के तेजी से बदलते दौर में छात्रों में विज्ञान के प्रति रुचि पैदा करना आवश्यक है। उन्होंने वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की और छात्रों से राष्ट्र और विश्व की आवश्यकताओं को समझकर अपने दृष्टिकोण को व्यापक बनाने का आग्रह किया।
धरमानी ने बताया कि घुमारविन में केंद्रीय विद्यालय के निर्माण हेतु भूमि शिक्षा विभाग को हस्तांतरित कर दी गई है और सरकार इसे केंद्रीय विद्यालय संगठन को पट्टे पर दे रही है ताकि विद्यालय का स्थायी परिसर बनाया जा सके। छात्रों ने प्रयोगशाला और खेल मैदान की सुविधाओं में सुधार की मांग की।
घुमारविन स्थित केंद्रीय विद्यालय की प्रधानाध्यापिका रिंकू कुमारी ने विद्यालय की उपलब्धियों के बारे में बात की और मंत्री जी से विद्यालय में सुविधाएं उपलब्ध कराने का आग्रह किया।

