राज्य सरकार ने सोलन के उपायुक्त को पिछले कुछ दिनों में हुई भारी बारिश के दौरान परवानू में भारी मात्रा में पानी घुसने के कारणों का पता लगाने और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो इसके लिए उपाय सुझाने हेतु एक समिति गठित करने का निर्देश दिया है।
राजस्व मंत्री जगत नेगी ने परवानू क्षेत्र में भारी बारिश से हुए नुकसान को लेकर कसौली विधायक विनोद सुल्तानपुरी द्वारा लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए यह आश्वासन दिया।
नेगी ने कहा कि सोलन के डीसी की अध्यक्षता में गठित समिति बाढ़ के कारणों की जांच करेगी और समस्या के समाधान के लिए आवश्यक उपायों की पहचान करेगी।
मंत्री जी ने स्वीकार किया कि भारी बारिश के कारण छोटे औद्योगिक शहर परवानू और आसपास के गांवों को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन विभाग, जल शक्ति विभाग और विद्युत विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को प्राथमिकता के आधार पर पुनर्निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
नेगी के अनुसार, परवानू-कसौली सड़क और कई संपर्क सड़कों सहित आठ सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं। सात सड़कों की मरम्मत कर दी गई है, जबकि पानी और बिजली की आपूर्ति भी काफी हद तक बहाल कर दी गई है।
सुल्तानपुरी ने बताया कि परवानू और आसपास के गांवों में व्यापक क्षति हुई है, जिससे 16 गांव प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि तटबंध क्षतिग्रस्त हो गए या बह गए, कई पुल बह गए और औद्योगिक क्षेत्र भी प्रभावित हुए। मलबा और कीचड़ आवासीय क्षेत्रों में घुस गया।
राजस्व मंत्री ने कहा कि राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (एनडीआरएफ) के माध्यम से सोलन में पुनर्निर्माण कार्य के लिए धनराशि उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है और संबंधित विभाग आवश्यक सेवाओं और सड़क संपर्क को बहाल करने के लिए जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं।

