हिमाचल प्रदेश के आयुष, युवा सेवा और खेल मंत्री यादविंदर गोमा ने उन वरिष्ठ अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है जो सोमवार को धर्मशाला के स्कूल शिक्षा बोर्ड सभागार में आयोजित जिला योजना, विकास और 20 सूत्री कार्यक्रम समीक्षा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक में उपस्थित नहीं हुए थे। उस समय तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई जब कई वरिष्ठ अधिकारी बिना पूर्व सूचना दिए बैठक में शामिल नहीं हुए।
मंत्री जी ने स्पष्ट कर दिया कि विकास कार्यों में लापरवाही और धीमी प्रगति को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि बिना पूर्व सूचना के बैठक में अनुपस्थित रहने वाले सभी अधिकारियों को तत्काल नोटिस जारी किया जाए और उनकी अनुपस्थिति का लिखित स्पष्टीकरण मांगा जाए।
उन्होंने कहा कि जो भी अधिकारी स्वास्थ्य कारणों से बैठक में उपस्थित नहीं हो पाए, उन्हें प्रशासन को वैध चिकित्सा प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने आगे कहा कि विकास परियोजनाओं में धीमी गति से चलने वाली फाइलों और कागजी औपचारिकताओं का दौर समाप्त होना चाहिए। गोमा ने कहा कि विकास कार्यों में देरी और प्रशासनिक लापरवाही का सीधा असर जन कल्याण पर पड़ता है। उन्होंने आगे कहा, “सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में ढिलाई के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस होगा। परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए सख्त निगरानी तंत्र लागू किए जाएंगे।”
मंत्री के इस कड़े रुख को मंडी में उनके हालिया कार्यों से जोड़ा जा रहा है, जहां उन्होंने आधिकारिक समारोह के दौरान प्रोटोकॉल उल्लंघन और वरिष्ठ अधिकारियों की अनुपस्थिति का गंभीर संज्ञान लिया था। पर्यवेक्षकों का मानना है कि यह नवीनतम कदम नौकरशाही को एक स्पष्ट संदेश है कि उनके कार्यकाल में अनुशासन और जिम्मेदारी पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।


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