हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने आज कुटलेहर विधानसभा क्षेत्र के जोगी पांगा गांव में अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के लिए एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया।
कार्यशाला की अध्यक्षता करने वाले आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार ने कहा कि आयोग का कर्तव्य कमजोर वर्ग पर होने वाले अत्याचारों को रोकना, उनके अधिकारों की रक्षा करना और यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर पर लक्षित लाभार्थियों तक पहुंचे।
उन्होंने आगे बताया कि आयोग ने जन जागरूकता फैलाने और वितरण हेतु दो पुस्तिकाएँ – भीम विचार पत्र-1 और भीम विचार पत्र-2 – प्रकाशित की हैं। पहली पुस्तिका में नागरिकों और अनुसूचित जाति के लोगों के संवैधानिक अधिकारों की व्याख्या की गई है, जबकि दूसरी पुस्तिका में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और उनके लाभ उठाने के तरीकों की सूची दी गई है।
कुटलेहर के विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने अनुसूचित जाति के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने बताया कि स्वर्ण जयंती आश्रय योजना के तहत लाभार्थियों को घर निर्माण के लिए 15 लाख रुपये की राशि प्रदान की जा रही है। इसके अलावा, इस वर्ग के लोगों को विभिन्न प्रकार के कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम और अत्याचार पीड़ितों को वित्तीय मुआवजा भी दिया जा रहा है।
इस अवसर पर आयोग के सदस्य शालिनी, विजय डोगरा, दिग्विजय मल्होत्रा और सदस्य सचिव वीरेंद्र शर्मा भी उपस्थित थे।


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