तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धरमानी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में तकनीकी शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण का मूल उद्देश्य युवाओं को नौकरी चाहने वालों से रोजगार सृजनकर्ताओं में बदलना है। तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश को तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए बहुआयामी प्रयास कर रही है।
धरमानी ने कहा कि सरकार सूक्ष्म और लघु उद्यमों के साथ-साथ स्टार्टअप्स के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। तकनीकी संस्थानों के प्रशिक्षुओं में उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए, उद्योग विभाग के लगभग 120 विशेषज्ञ छात्रों को विशेष मार्गदर्शन और सलाह प्रदान करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि प्रशिक्षुओं को व्यावहारिक कौशल और भविष्य के लिए तैयार क्षमताओं से लैस करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सूचना प्रौद्योगिकी आधारित शिक्षण मॉड्यूल भी शुरू किए जा रहे हैं।
रोजगार के बदलते परिदृश्य पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि बागवानी, प्राकृतिक खेती और दुग्ध प्रौद्योगिकी जैसे विषयों को तकनीकी संस्थानों में शामिल किया जा रहा है, क्योंकि इन क्षेत्रों में विशेषज्ञ शिक्षकों की मांग बढ़ रही है। व्यावहारिक अनुभव और क्षेत्र आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कृषि विज्ञान केंद्रों और कृषि महाविद्यालयों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा।
धरमानी ने कहा कि राज्य भर के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) कुशल कार्यबल विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और साथ ही स्थानीय समस्याओं के समाधान में भी योगदान दे रहे हैं। एक उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आईटीआई मंडी के प्रशिक्षुओं ने मंडी नगर निगम क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट की समस्या को हल करने में सराहनीय कार्य किया है। नगर निगम और आईटीआई मंडी के बीच हुए समझौता ज्ञापन के तहत, चरणबद्ध तरीके से 496 स्ट्रीट लाइटें लगाई गईं, जिससे स्थानीय प्रकाश व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
मंत्री जी ने आगे कहा कि राज्य सरकार युवाओं के लिए अवसरों का विस्तार करने हेतु एक कौशल अकादमी और एक डिजिटल विश्वविद्यालय स्थापित करने की योजना बना रही है। उन्होंने यह भी बताया कि गुणवत्ता मानकों में सुधार के लिए तकनीकी संस्थानों का वर्गीकरण भी किया जा रहा है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश तकनीकी शिक्षा बोर्ड को भर्ती प्रतियोगिताओं के लिए ऑनलाइन परीक्षा आयोजित करने की दिशा में कार्य करने का निर्देश दिया।

